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अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, तीन जगह ध्वस्तीकरण और दो निर्माण सील

विकासनगर से ऋषिकेश तक कार्रवाई, बिना स्वीकृत मानचित्र के प्लॉटिंग करने वालों पर सख्ती

देहरादून, 27 अक्टूबर 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। प्राधिकरण की टीम ने विकासनगर क्षेत्र में तीन स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया, जबकि ऋषिकेश क्षेत्र में दो स्थानों पर अनधिकृत निर्माणों को सील कर दिया। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध रूप से भूखंड विकसित करने और बिना अनुमति निर्माण करने वालों पर सख्ती का संदेश दिया गया है।

प्राधिकरण के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान नियमों के विपरीत विकसित की जा रही प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

भीमावाला में चार से पांच बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त

विकासनगर के भीमावाला क्षेत्र में छोटी कैनाल रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पीछे संजय चौहान एवं अन्य द्वारा लगभग चार से पांच बीघा भूमि पर कथित तौर पर बिना आवश्यक स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया।

शक्ति कैनाल के समीप पांच बीघा भूमि पर कार्रवाई

विकासनगर के डॉक्टरगंज में पुल संख्या एक और दो के मध्य शक्ति कैनाल के समीप आशु उनियाल, हर्ष रावत एवं अन्य द्वारा लगभग पांच बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण का उद्देश्य बिना स्वीकृति विकसित किए जा रहे भूखंडों पर रोक लगाना और नियोजन नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

रायवाला में भी अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

ऋषिकेश क्षेत्र के रायवाला में प्रेम दत्त जोशी द्वारा लगभग पांच बीघा भूमि पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृति के प्लॉटिंग किए जाने के मामले में भी एमडीडीए ने कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया।

हरिपुर कला और रायवाला में दो निर्माण सील

अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के तहत हरिपुर कला की गली संख्या पांच में कपिल मदान द्वारा किए जा रहे निर्माण को सील किया गया। इसके अतिरिक्त हरिद्वार रोड स्थित रायवाला में पंजाब नेशनल बैंक के निकट तुषार नरूला द्वारा किए जा रहे निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।

जमीन खरीदने से पहले मानचित्र की जांच जरूरी

एमडीडीए की इन कार्रवाइयों में तीन स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई, जबकि दो स्थानों पर निर्माण सील किए गए। बिना स्वीकृत लेआउट या आवश्यक मानचित्र के विकसित की गई कॉलोनियों में सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समस्या पैदा हो सकती है। ऐसी भूमि खरीदने वाले लोगों को भी भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

ऐसे में जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूमि के दस्तावेज, स्वीकृत लेआउट और मानचित्र की प्राधिकरण से पुष्टि करना जरूरी है। एमडीडीए की यह कार्रवाई नियोजित विकास को बढ़ावा देने और नियमों के विपरीत हो रहे निर्माणों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।