Uttarakhand

पंतनगर विश्वविद्यालय की उपलब्धिया राष्ट्रनिर्माण की नींव : विकास शर्मा

 

Shubham Mishra
Shubham Mishra

रुद्रपुर। पंतनगर विश्वविद्यालय के गांधी हॉल में बुधवार को आयोजित भव्य पंत जयंती समारोह में नगर निगम रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर उन्होंने भारत रत्न, महान स्वतंत्रता सेनानी और स्वतंत्र भारत की राजनीति के स्तंभ रहे पंडित गोविंद बल्लभ पंत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में पंत जी के जीवन संघर्ष, उनकी प्रशासनिक दूरदर्शिता और पंतनगर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर विशेष चर्चा हुई।

महापौर विकास शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पंडित गोविंद बल्लभ पंत का नाम उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के गौरव से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि पंत जी ने स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई और स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री के रूप में राष्ट्र की एकता व अखंडता को मजबूत किया। हिंदी भाषा को राजभाषा का दर्जा दिलाने के उनके प्रयास आज भी राष्ट्र को ऊर्जा देते हैं। महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब देश ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तो उसकी जड़ें पंत जी जैसे महान नेताओं की विचारधारा से ही पोषित हैं।

महापौर ने पंतनगर विश्वविद्यालय की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्थान पंडित पंत जी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने का माध्यम बना। वर्ष 1960 में स्थापित यह एशिया का पहला कृषि विश्वविद्यालय था, जिसने हरित क्रांति की राह प्रशस्त कर देश को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने कहा कि पंतनगर के वैज्ञानिकों ने उच्च गुणवत्ता वाले बीज विकसित किए, जिनसे आज लाखों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। प्रति वर्ष विश्वविद्यालय द्वारा लगभग 7,000 क्विंटल बीज का उत्पादन किया जाता है, जिससे गेहूँ और धान की नई किस्में देश को खाद्यान्न आयातक से निर्यातक बनाने में सहायक सिद्ध हुईं। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय का योगदान अनुपम रहा है।

महापौर ने वर्तमान कुलपति प्रो. डॉ. मनमोहन सिंह चौहान के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉ. चौहान ने विश्वविद्यालय में शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया है। नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत छात्रों को अवसर देने, किसानों से सीधा संवाद कर उन्हें तकनीक से जोड़ने और विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा बढ़ाने में उनका योगदान उल्लेखनीय है।अपने संबोधन में महापौर ने विद्यार्थियों से भी आह्वान किया कि वे पंडित पंत जी के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। डिग्रियाँ केवल रोजगार का साधन न बनें, बल्कि छात्र समाज और राष्ट्र की सेवा का भी संकल्प लें।

कार्यक्रम में इससे पूर्व कुलपति डॉ. चौहान तथा अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। आयोजन समिति की ओर से मुख्य अतिथि महापौर शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में डॉ. आनंद सिंह जीना, डॉ. संजय शर्मा (यूबीसी डायरेक्टर), डॉ. जे.पी. जयसवाल, डॉ. अलका गोयल, अनिल धस्माना सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।महापौर विकास शर्मा ने अंत में आयोजन समिति को सफल कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें पं. गोविंद बल्लभ पंत के विचारों और सिद्धांतों को आत्मसात कर उत्तराखंड और देश को और मजबूत एवं प्रगतिशील बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।

Shubham Mishra