उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षा,पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
रुद्रपुर | उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन उत्तराखण्ड, विनय रुहेला ने अपने एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में ‘पेड़ माँ के नाम अभियान’ के तहत लीची का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के सभागार में विभिन्न विभागों का आपदा प्रबंधन कार्यों का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों को इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उपाध्यक्ष ने कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी बखूबी समझें ताकि जनजीवन किसी भी आपदा से प्रभावित न हो। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को शीघ्र गड्डामुक्त करने हेतु टीम बनाने और जल निगम को जल लाइनों की मरम्मत कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कहा।
जल निगम की समीक्षा में श्री रुहेला ने पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को ठीक कराने, पेयजल संयोजन के भुगतान को लेकर भ्रम दूर करने, तथा योजनाओं का प्रचार-प्रसार कराने पर जोर दिया। वन विभाग को जंगलों में आग की रोकथाम और जल निकासी मार्गों को साफ रखने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य विभाग से उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में साँप कांटे की दवाएं उपलब्ध रहें और अस्पतालों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। विद्युत विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर करंट से बचाव के लिए सर्वे और खराब ट्रांसफार्मर की तत्काल मरम्मत के आदेश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कार्यों की प्रगति बताते हुए कहा कि जनपद को गड्डामुक्त बनाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने रुद्रपुर बाईपास के शीघ्र पूरा होने और जिला चिकित्सालय के दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की जानकारी दी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमा शंकर नेगी ने पीपीटी के माध्यम से विभागीय कार्यों की जानकारी दी। महापौर, जिलाध्यक्ष समेत कई विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि टीम भावना से जनपद में आपदा प्रबंधन और मजबूत हुआ है और भविष्य में यह आदर्श साबित होगा।
