देहरादून

राजमार्गों पर गंदगी पर डीएम सविन बंसल की सख्ती, एनएचएआई-वन विभाग समेत कई अधिकारियों को आपराधिक नोटिस

 

  1. 7 दिन में हाईवे से कूड़ा नहीं हटा तो आपराधिक मुकदमा, डीएम ने बीएनएसएस धारा 152 में जारी किए नोटिस
  2. रिस्पना से लालतप्पड़ तक गंदगी पर प्रशासन का एक्शन, अधिकारियों को कोर्ट में पेश होने के आदेश
  3. हाईवे की गंदगी बनी न्यूसेन्स, डीएम ने NHAI व अन्य विभागों को किया ‘बाउंड डाउन’

देहरादून, 13 दिसम्बर 2025 (सूवि)
राजमार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर फैले कूड़ा-कचरे को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त रुख अपनाया है। हरिद्वार बाईपास रोड पर रिस्पना पुल से लच्छीवाला, भानियावाला टोल, एयरपोर्ट रोड एवं लालतप्पड़ क्षेत्र सहित रायवाला अंडरपास, ग्राम प्रतीतनगर, रायवाला रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे सर्विस रोड के दोनों ओर अत्यधिक गंदगी पाए जाने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को बीएनएसएस की धारा 152 (पूर्व धारा सीआरपीसी 133) के तहत आपराधिक नोटिस जारी किए गए हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार डोईवाला एवं ऋषिकेश की टीमों द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण में पाया गया कि कूड़े के ढेरों से पर्यावरण एवं भू-जल प्रदूषण, संक्रामक रोगों का खतरा तथा वन्य जीवों की आवाजाही के कारण जन-सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति लोक मार्ग पर न्यूसेन्स (लोक बाधा) की श्रेणी में आती है।

इस पर परियोजना निदेशक एनएचएआई, प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून, अधिशासी अभियंता एनएच खंड डोईवाला, सहित अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे 7 दिवस के भीतर समस्त कूड़े-कचरे का पूर्ण निस्तारण कर स्थायी स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करें। संबंधित अधिकारियों को 19 दिसम्बर 2025 को एसडीएम न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष भी रखना होगा।

इसी प्रकार ग्राम प्रतीतनगर, रायवाला रेलवे स्टेशन एवं नेशनल हाईवे सर्विस रोड के किनारे गंदगी पाए जाने पर प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई, सहायक वन संरक्षक, अधिशासी अभियंता लोनिवि ऋषिकेश, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत तथा रेलवे अधीक्षक रायवाला को भी नोटिस जारी किए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को फोटोग्राफ सहित अनुपालन आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा में अनुपालन न होने पर स्वतः आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा, तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए छह माह तक का कारावास भी हो सकता है।
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे स्थलों पर नियमित निरीक्षण जारी रहेगा।

Oplus_131072
Oplus_131072
Oplus_131072
Uma Shankar Kukreti