पेंशनर्स के गोल्डन कार्ड अंशदान में बढ़ोतरी का विरोध, कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था की मांग
देहरादून, 11 अगस्त।
कार्मिक संगठनों एवं पेंशनर्स संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में देहरादून स्थित उनके आवास पर आयोजित की गई। बैठक में पेंशनर्स की गोल्डन कार्ड योजना में आ रही विभिन्न समस्याओं के व्यापक समाधान और व्यवस्था में आवश्यक संशोधन की मांग प्रमुखता से उठाई गई।

बैठक में गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन उत्तराखंड की ओर से प्रांतीय अध्यक्ष चौधरी ओमवीर सिंह और जिला अध्यक्ष ठाकुर शेर सिंह थापली ने प्रतिनिधित्व किया।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने गोल्डन कार्ड योजना के लिए कार्मिकों के अंशदान में वृद्धि किए जाने की बात रखी। इस पर पेंशनर्स संगठन की ओर से ठाकुर शेर सिंह थापली ने स्पष्ट विरोध दर्ज कराया।
उन्होंने कहा कि कार्मिकों के अंशदान में वृद्धि किए जाने पर संगठन को आपत्ति नहीं है, लेकिन पेंशनर्स के अंशदान में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि पेंशनर्स को मिलने वाली पेंशन एक कार्यरत कार्मिक के वेतन की तुलना में काफी कम होती है। वहीं एक कर्मचारी का परिवार सामान्यतः बड़ा होता है, जबकि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशनर का परिवार प्रायः सीमित होकर दो व्यक्तियों तक रह जाता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पेंशनर्स के अंशदान को बढ़ाने के बजाय कम किया जाना न्यायसंगत होगा।
पेंशनर्स संगठन ने सरकार को उसके निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था के संकल्प और दायित्व की भी याद दिलाई। संगठन ने मांग की कि पेंशनर्स के लिए सीजीएचएस की तर्ज पर कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू की जाए, ताकि बुजुर्ग पेंशनर्स को इलाज के दौरान आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल, स्वास्थ्य सचिव श्री विनय शंकर पांडे, प्राधिकरण के सीईओ श्री हयांकी सहित विभिन्न कर्मचारी एवं पेंशनर्स संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
कर्मचारी संगठनों की ओर से सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे, प्रदेश महामंत्री शक्ति प्रसाद भट्ट, सुमन सिंह वल्दिया सहित कई संगठनों के पदाधिकारियों ने बैठक में प्रतिभाग किया।
