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प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में ‘एल्गोरिदम और महत्वाकांक्षा’ पुस्तक का विमोचन, AI और भविष्य के नेतृत्व पर हुआ मंथन

रिपोर्ट : सुनील नेगी

नई दिल्ली, 9 अगस्त। रायसीना रोड स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में रविवार को ‘एल्गोरिदम और महत्वाकांक्षा : कैंपस से सी-सूट तक’ पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक आधुनिक कार्यस्थल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), करियर विकास और नेतृत्व के बीच तेजी से बदलते संबंधों की पड़ताल करती है।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों और विचारकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान एआई के बढ़ते प्रभाव और इसके चलते करियर की शुरुआत से लेकर शीर्ष प्रबंधन एवं बोर्डरूम नेतृत्व तक आने वाले बदलावों पर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. भरत नागर ने विधिक क्षेत्र में एआई की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एआई आधारित तकनीक कानूनी शोध, मुकदमों की प्रक्रिया और न्यायिक कार्यप्रवाह को अधिक सुव्यवस्थित और तेज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
एसआरएच विश्वविद्यालय के अध्यक्ष एवं कुलाधिपति डॉ. विजय धस्माना ने एआई साक्षरता को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य तेजी से एआई आधारित हो रहा है, ऐसे में प्रत्येक विद्यार्थी को, चाहे उसका विषय कोई भी हो, एआई की बुनियादी जानकारी और समझ प्रदान करना आवश्यक है। इससे आने वाली पीढ़ी बदलते कार्यक्षेत्र में अपनी प्रासंगिकता बनाए रख सकेगी।
कार्यक्रम में भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के विभागाध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह तथा लोकसभा के पूर्व अतिरिक्त सचिव श्री देवेंद्र असवाल सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने शासन, शिक्षा, संस्थागत निर्णय प्रक्रिया और सार्वजनिक जीवन में एआई की बढ़ती भूमिका तथा उससे उत्पन्न संभावनाओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाला।
पुस्तक के लेखक ने विमोचन अवसर पर कहा कि आज के एआई संचालित पेशेवर दौर में सफलता के लिए केवल तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं है। इसके लिए तकनीकी समझ के साथ मानवीय महत्वाकांक्षा, नेतृत्व क्षमता और बदलते परिवेश के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता भी जरूरी है।
‘एल्गोरिदम एंड एम्बिशन : फ्रॉम कैंपस टू सी-सूट’ इस बात की पड़ताल करती है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस तरह करियर के रास्तों, संस्थागत निर्णय लेने की प्रक्रिया और नेतृत्व की परिभाषा को नया आकार दे रही है। पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को एआई आधारित दुनिया में प्रासंगिक बने रहने और नए अवसरों का लाभ उठाने की दिशा में मार्गदर्शन देना है।