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मुख्यमंत्री धामी ने राज्यपाल गुरमीत सिंह को दी विदाई, उत्तराखंड के विकास में योगदान को सराहा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के कार्यकाल की सराहना करते हुए उत्तराखंड के विकास, शिक्षा, युवा प्रोत्साहन, महिला सशक्तीकरण और पूर्व सैनिकों के कल्याण के क्षेत्र में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने राज्यपाल को सफल कार्यकाल के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके अनुभव, अनुशासन, दूरदर्शी सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रोत्साहन मिला। उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने अपने कार्यकाल में शिक्षा, उच्च शिक्षा, शोध, कौशल विकास और युवाओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया।

युवाओं और महिला सशक्तीकरण को मिला प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता, राष्ट्रसेवा और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों में भी उनकी विशेष रुचि रही।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने उत्तराखंड की सैन्य परंपरा, वीर सैनिकों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को सदैव सम्मान दिया। पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति उनकी संवेदनशीलता तथा युवाओं में अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण की भावना विकसित करने के प्रयास सराहनीय रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्यपाल ने प्रदेश सरकार, प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ समन्वय स्थापित किया। उनका सरल व्यवहार, सौम्य व्यक्तित्व और उत्तराखंड के प्रति आत्मीय लगाव सदैव स्मरणीय रहेगा।

राज्यपाल बोले—देवभूमि के लोगों का स्नेह मेरी अनमोल उपलब्धि

विदाई समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने मुख्यमंत्री, प्रदेश सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संस्थानों और प्रदेशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य करना उनके लिए गौरव और सौभाग्य का विषय रहा। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और लोगों की आत्मीयता को करीब से अनुभव करना उनके लिए विशेष रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों से मिला स्नेह, विश्वास और सहयोग उनके कार्यकाल की सबसे अनमोल उपलब्धियों में शामिल है। यहां के लोगों का सरल स्वभाव, अतिथि सत्कार, राष्ट्र के प्रति समर्पण और अपनी संस्कृति से जुड़ाव उन्हें सदैव प्रेरित करता रहेगा।

विकास में सामूहिक सहभागिता को बताया अहम

राज्यपाल ने कहा कि विगत पांच वर्षों के दौरान प्रदेश में विकास, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, युवा प्रोत्साहन, पूर्व सैनिकों के सम्मान और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर कार्य करने के अवसर मिले। उन्होंने इन प्रयासों को प्रदेश सरकार, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सामूहिक सहभागिता का परिणाम बताया।

उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड के युवा अपनी प्रतिभा और ऊर्जा से प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, आत्मनिर्भरता और सामाजिक नेतृत्व भी राज्य के उज्ज्वल भविष्य के महत्वपूर्ण आधार हैं।

राज्यपाल ने उत्तराखंड की निरंतर उन्नति, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए प्रदेशवासियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

लोक भवन में भी दी गई शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित विदाई समारोह के अतिरिक्त लोक भवन में भी विभिन्न क्षेत्रों के लोगों, गणमान्य व्यक्तियों और अधिकारियों ने राज्यपाल से भेंट कर उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में जनप्रतिनिधियों, विधायकों, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य विशिष्टजनों ने भी प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री धामी ने राज्यपाल के योगदान को याद करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय और सफल भावी जीवन की कामना की।