बस दुर्घटना ! 12 घन्टे बाद माँ के शव से लिपटी जिंदा मिली मासूम बच्ची, दुल्हे के भाई-बहन, भतीजे सहित 28 रिश्तेदारों की मौत, कई परिवार उजडे, चार बैंड वालो की भी हुई मौत, सूची जारी

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पौड़ी, गढ़वाल। जा को राखे साइयां मार सके ना कोई वाली कहावत भी इस उत्तराखंड वाहन दुर्घटना में देखने को मिली वाहन दुर्घटना के 12 घण्टे बाद एक नन्ही बालिका अपनी मृत मां से लिपटी जिंदा मिली जो कि चमत्कार की तरह लगा। पर बरात में दूल्हे संदीप की रिश्तेदार रसूलपुर की गुड़िया और उसकी दो साल की बेटी दिव्यांशी भी बस में सवार होकर गई थी।
बस में दिव्यांशी अपनी मां की गोद में थी, मगर हादसे के दौरान 500 फीट गहरी खाई में बस के गिरने के बाद भी गुड़िया ने अपनी मासूम बेटी को अपने से अलग नहीं होने दिया। वह अंतिम समय में भी उसे अपनी गोद में रही।

हादसे के बाद बच्ची अब अपने घर पर पहुंच चुकी है। जहां वह कुछ भी नहीं समझ पा रही और बार-बार केवल मां को ही याद कर रही, लेकिन उस मासूम को यह नहीं पता कि उसे बचाने वाली उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं है।

उत्तराखंड: चमत्कार से कम नहीं, 11 घंटे बाद मिली बच्ची, माँ की मौत

लालढांग से बारात लेकर पौड़ी गई बस में करीब 52 लोग शामिल थे, जिनमें तकरीबन 15 बच्चे और महिलाएं भी सवार रहे। सड़क हादसे में ग्रामीणों की मौत से गांव में कोहराम मचा हुआ है। दरअसल, जितने भी लोग बस में सवार थे, उनमें से सकुशल वापस लौटने वालों में गिने चुने लोग है।

हरिद्वार के लालढांग से पौडी गढवाल गई बारात की हादसे में 32 लोगों की मौत हो गई जबकि 18 लोग घायल है। sdrf ने सभी शवों को गहरी खाई से निकाल लिया है। मृतकों में दुल्हे संदीप के बडे भाई कुलदीप, बहन सतेश्ववरी देवी जीजा संदीप असवाल, 11 साल का भतीजा सचिन पुत्र कुलदीप सहित मामा के परिवार सहित अन्य 28 रिश्तेदारों की मौत हुई है। इनमें चार बच्चे व छह महिलाएं भी शामिल हैं।

संदीप के गाजीवाली में रहने वाले रिश्तेदार सतीश नाथ पुत्र चंद्रमोहन 35 और अनिल नाथ पुत्र चंद्रमोहन 29 और सतीश की पत्नी वर्षा और आठ साल का बेटा लक्ष की भी मौत हो गई। अनिल और चंद्रमोहन परिवार में दोनों ही थे और सतीष के एक ही बेटा था। जबकि अनिल नाथ के एक छोटा बच्चा है और पत्नी है। घर में मां-बाप हैं जो दोनों बीमार है अभी दोनों को हादसे की जानकारी नही दी गई है।

वहीं हादसे में दूसरे रिश्तेदार गुलाब पुत्र कोमल चौहान, दीप पत्नी गुलाब और उनकी आठ साल की बेटी की भी मोत हुई है। इसके अलावा रसूलपुर मीठीबेरी, प्यालढांग यमकेश्वर, द्वारीखल आदि क्षेत्र के रिश्तेदारों की भी मौत हुई है।

बैंड वालों में इस्तियाक पुत्र मुस्ताक, अनीष पुत्र सुक्के निवासी मंडावली बिजनौर, इलियास पुत्र रहीसु निवासी नारायणपुर बिजनौर और विशाल पुत्र बाबू निवासी जालपुर बिजनौर यूपी शामिल हैं।
बेहद गरीब परिवार से हैं सभी

वहीं दुल्हा संदीप नाथ फैजाबाद के होटल में काम करता है और पूरा परिवार बेहद गरीब है। जबकि भाई कुलदीप पेंट करने
का काम करता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि पूरा परिवार बहुत गरीब है। हालांकि, सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो दो लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है।
लेकिन स्थानीय लोग इसे नाकाफी बता रहे हैं। स्थानीय निवासी राजीव चौधरी ने कहा कि मुआवजा बहुत कम है। कम से कम पांच लाख रुपए मृतकों के परिवारों को दिए जाने चाहिए। इसके साथ ही परिवारों की हर संभव मदद के लिए प्रशासन का आगे आना चाहिए।

 

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