स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग की बैठक
उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की माननीय अध्यक्ष डा0 गीता खन्ना की अध्यक्षता में दिनांक 05 फरवरी 2026 को उत्तराखण्ड राज्य में संचालित विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के आवागमन हेतु चल रही स्कूल बस/वैन/तीन पहिया वाहन/ऑटो/ई-रिक्शा आदि के सत्यापन, मॉनिटरिंग एवं नियम बनाए जाने के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जनपद देहरादून से सम्भागीय परिवहन अधिकारी डा0 अनीता चमोला एवं सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी श्री पंकज श्रीवास्तव उपस्थित रहे, जबकि अन्य सभी जनपदों के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए। आयोग की ओर से सचिव डा0 शिव कुमार बरनवाल एवं अनुसचिव डा0 सतीश कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।
बैठक में माननीय अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में कई ऐसे वाहन बच्चों को स्कूल लाने–लेजाने का कार्य कर रहे हैं, जिन्हें विद्यालयों द्वारा अधिकृत नहीं किया गया है। इस पर निर्देश दिए गए कि स्कूलों के बच्चों को लाने–लेजाने वाले सभी निजी वाहनों (वैन, ऑटो, विक्रम आदि) को आरटीओ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। साथ ही, इन वाहनों का विधिवत सत्यापन किया जाए तथा विद्यालयों में उनका रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए, जिसमें ड्राइवरों का पूर्ण विवरण एवं मानसिक स्थिति की जाँच रिपोर्ट भी सम्मिलित हो।
माननीय अध्यक्ष द्वारा सुझाव दिया गया कि स्कूलों में बच्चों को लाने–लेजाने वाले निजी वाहनों की पहचान हेतु उन पर पीली पट्टी (Yellow Strip) लगाई जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि वाहन में स्कूली बच्चे यात्रा कर रहे हैं, साथ ही वाहन स्वामी इन वाहनों का अन्य प्रयोजनों में भी उपयोग कर सकें।
विद्यालयों को निर्देशित किया गया कि उनके पास यह पूरा विवरण उपलब्ध होना चाहिए कि बच्चे किस ट्रांसपोर्ट माध्यम से विद्यालय आना–जाना कर रहे हैं। बैठक में जनपदवार परिवहन विभाग द्वारा की जा रही कार्यवाही की समीक्षा की गई, जिसमें जनपद बागेश्वर की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए अन्य जनपदों को भी उसी अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी जनपदों से उनके समक्ष आ रही चुनौतियों, कठिनाइयों एवं सुझावों को आयोग के साथ साझा करने को कहा गया।
बैठक में सम्भागीय परिवहन अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि समय-समय पर विद्यालयों में रोड सेफ्टी प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है तथा भविष्य में और अधिक प्रभावी प्रशिक्षण हेतु नए मॉडल पर कार्य किया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया गया कि विभिन्न क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट्स चिन्हित किए गए हैं तथा प्रत्येक माह लोक निर्माण विभाग के साथ बैठक आयोजित की जाती है।
माननीय अध्यक्ष द्वारा निर्देश दिए गए कि स्कूल बसों को एक्सीडेंट रिलीफ फंड से कवर किया जाए। इसके अतिरिक्त, बड़े विद्यालयों में परिसर के भीतर पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण विद्यालयों के बाहर सड़क पर जाम एवं दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए परिवहन विभाग को स्कूलों को कड़ी हिदायत देने के निर्देश दिए गए, ताकि स्कूल परिसर में ही वाहन पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही खनन से संबंधित भारी वाहनों के संचालन को स्कूलों के बच्चों के आने–जाने के समय के अनुरूप समन्वित करने के निर्देश दिए गए, जिससे स्कूली बच्चों को भारी वाहनों के कारण होने वाली असुविधा एवं दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
बैठक के अंत में माननीय अध्यक्ष द्वारा निर्देशित किया गया कि निकट भविष्य में उत्तराखण्ड राज्य के मुख्य शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, आरटीओ/एआरटीओ एवं पेरेंट्स एसोसिएशन को सम्मिलित करते हुए एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाए, जिससे इस विषय में एक प्रभावी दिशा-निर्देश (Guidelines) तैयार किए जा सकें।
