चाय बागान की सीलिंग भूमि पर रोक के बावजूद 41 विलेख पंजीकृत, विभागीय मिलीभगत का आरोप
फर्जी लेखपाल हस्तांतरण रिपोर्ट के आधार पर 12 दाखिल-खारिज भी दर्ज
जिला प्रशासन द्वारा चाय बागान की सीलिंग भूमि की खरीद–फरोख्त पर रोक लगाए जाने के बावजूद, विभागीय मिलीभगत के चलते उप निबंधक विकासनगर प्रथम एवं द्वितीय स्तर से कुल 41 विलेख पत्र पंजीकृत किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
पंजीकृत विलेखों का विवरण इस प्रकार है :
रसूलपुर (एनफील्ड ग्रांट)
- 04 रजिस्ट्री
बाबूगढ़ (एनफील्ड ग्रांट)
- 12 रजिस्ट्री
- 03 गिफ्ट डीड
अंबाड़ी
- 13 रजिस्ट्री
- 04 गिफ्ट डीड
- 02 मॉर्टगेज
- 02 बैंक फाइल
- 01 एग्रीमेंट
उपरोक्त 41 विलेखों में से 12 मामलों में दाखिल-खारिज भी तहसील स्तर से दर्ज कराए गए। आरोप है कि माननीय न्यायालय तहसीलदार/नायब तहसीलदार को गुमराह कर फर्जी एवं कूटरचित “लेखपाल की हस्तांतरण रिपोर्ट” तैयार करवाई गई, जिसे संबंधित पटवारियों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
दाखिल-खारिज के मामलों का विवरण :
रसूलपुर (एनफील्ड ग्रांट) – 02
- श्री आनंद सिंह – 01
- सुश्री/श्रीमती डिम्पल – 01
बाबूगढ़ (एनफील्ड ग्रांट) – 03
- श्री आनंद सिंह – 01
- सुश्री/श्रीमती डिम्पल – 01
- श्री नरेंद्र सिंह – 01
अंबाड़ी – 07
- श्री नरेंद्र सिंह – 05
- सुश्री/श्रीमती डिम्पल – 01
- अज्ञात – 01
जांच में सामने आए नाम
तहसीलदार द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में निम्न अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं—
- श्री सुनील कुमार, सब रजिस्ट्रार
- श्रीमती भावना भट्ट, रजिस्ट्रेशन क्लर्क
- श्रीमती अपूर्वा सिंह, सब रजिस्ट्रार, विकासनगर
मांग
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, अवैध खरीद–फरोख्त में संलिप्त अधिकारियों एवं फर्जी लेखपाल हस्तांतरण रिपोर्ट तैयार करने वाले पटवारियों के विरुद्ध—
- तत्काल निलंबन की कार्रवाई,
- विभागीय अभियोग पंजीकरण,
- तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हेतु उच्च स्तरीय जांच / एसआईटी (SIT) गठित किए जाने की मांग इस प्रेस वार्ता के माध्यम से की जाती है।
निवेदक
प्रतिष्ठा सेवा समिति ट्रस्ट
अध्यक्ष – श्री गिरीश चंद डालाकोटी
उपस्थित:
सुमित कुमार (पूर्व एनसीसी कैडेट),
सूरज द्विवेदी (सामाजिक कार्यकर्ता),
सत्यपाल सिंह लखरवाल,
भीम सिंह,
सुनील नेगी,
प्रवीण,
तरुण,
अनिल,
नवीन,
अरविंद
एवं अन्य साथी।
