देहरादून

डॉ. ओम प्रकाश दुग्गल चैरिटेबल सोसायटी ने विज्ञान शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान हेतु श्री गंगा सिंह रौतेला को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया

 

मसूरी | विज्ञान प्रसार एवं इनफ़ॉर्मल STEM एजुकेशन को देशभर में नई दिशा देने वाले वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं साइंस म्यूज़ियम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले श्री गंगा सिंह रौतेला को डॉ. ओम प्रकाश दुग्गल चैरिटेबल सोसायटी द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।


समारोह के प्रारंभ में प्राकृतिक सुगंध विज्ञान (Natural Perfumery) पर आधारित एक विशेष नेचुरल परफ्यूम डिज़ाइनिंग वर्कशॉप का आयोजन हुआ, जिसे प्रसिद्ध एरोमा विशेषज्ञ डॉ. ज्योति मारवाह (डायरेक्टर, डॉ. ओम प्रकाश दुग्गल चैरिटेबल सोसाइटी एवं हिमसुरभि एरोमा म्यूज़ियम) ने संचालित किया। उनकी मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने प्राकृतिक सुगंधों, एरोमा एक्सट्रैक्शन तथा ब्लेंडिंग तकनीकों की बारीकियों को रोचक तरीके से समझा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती अल्पना पंत जोशी शर्मा (सेवानिवृत्त सिविल सेवा अधिकारी), पूर्व निदेशक (न्यूज़) प्रसार भारती, एवं पूर्व निदेशक, नेशनल फिल्म आर्काइव्स ऑफ इंडिया, पुणे, ने श्री रौतेला को सम्मानित किया।

साथ ही प्रिंसिपल बसुखीनाथ पांडे एवं आर.के. मारवाह ने उन्हें शॉल एवं गोल्ड मेडल भेंट किया।

श्री रौतेला वर्तमान में एडवाइज़र, साइंस सिटी देहरादून हैं तथा इससे पूर्व डायरेक्टर जनरल, नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूज़ियम्स (भारत सरकार) तथा डायरेक्टर, नेहरू साइंस सेंटर, मुंबई के रूप में कार्य कर चुके हैं। विज्ञान संग्रहालयों के विकास और वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

 

साईनाथ एजुकेशन ट्रस्ट के राजीव गांधी कॉलेज ऑफ आर्ट्स, कॉमर्स एंड साइंस, वाशी (नवी मुंबई) के लगभग 100 विद्यार्थियों ने इस आयोजन में भाग लिया। कार्यशाला को HimSurabhi Aroma Museum के सहयोग से आयोजित किया गया।

वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को— सुगंधित पौधों के एक्सट्रैक्शन एवं प्रोसेसिंग, टॉप-मिडल और बेस नोट्स की समझ, प्राकृतिक परफ्यूमरी की ब्लेंडिंग तकनीकें, हिमालयी एरोमैटिक प्लांट्स के व्यावसायिक व उद्यमिता अवसर जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से परिचित कराया। छात्रों ने स्वयं प्राकृतिक सुगंध बनाकर परफ्यूमरी विज्ञान, इनोवेशन और उद्यमिता के प्रति नई समझ विकसित की।
इसके बाद विद्यार्थियों ने संग्रहालय की गैलरी का भी भ्रमण किया।

यह कार्यक्रम विज्ञान, रचनात्मकता और नवाचार का अनूठा संगम साबित हुआ। जहां एक ओर विद्यार्थियों ने प्राकृतिक एरोमा साइंस की दुनिया को करीब से जाना, वहीं दूसरी ओर विज्ञान शिक्षा में असाधारण योगदान देने वाले श्री गंगा सिंह रौतेला के प्रेरणादायी कार्यों को सम्मानित किया गया।
यह आयोजन युवाओं में वैज्ञानिक सोच, कौशल विकास और प्राकृतिक सुगंध उद्योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Uma Shankar Kukreti