1.32 करोड़ के नशीले इंजेक्शन बरामद, SSP मणिकांत मिश्रा का तस्करों पर बड़ा प्रहार
काशीपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में चलाए जा रहे नशे के विरुद्ध सघन अभियान में ऊधमसिंहनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली काशीपुर पुलिस, एसओजी काशीपुर तथा फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की संयुक्त टीम ने ट्रांसपोर्ट के माध्यम से मंगाई गई नशीले इंजेक्शनों की भारी खेप बरामद की है, जिसकी अनुमानित खुदरा कीमत लगभग 1 करोड़ 32 लाख रुपये आंकी गई है।
ट्रांसपोर्ट से मंगाई गई थी खेप
15 दिसंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा दड़ियाल रोड स्थित SAFEXPRESS ट्रांसपोर्ट में चेकिंग की गई। जांच के दौरान संदिग्ध पेटियों की तलाशी ली गई, जिनमें नशीले इंजेक्शन छिपाकर रखे गए थे। पुलिस ने मौके से कुल 43,950 नशीले इंजेक्शन बरामद किए।
इतनी मात्रा में मिले इंजेक्शन
बरामद खेप में BINORPHINE (Buprenorphine Injection IP) के 1,598 डिब्बों में 39,950 इंजेक्शन तथा REXOGESIC (Buprenorphine Injection) के 160 डिब्बों में 4,000 इंजेक्शन शामिल हैं। कुल 16 गत्तों की पेटियों में यह खतरनाक माल छिपाया गया था।
औषधि विभाग ने की तकनीकी जांच
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार और निरीक्षक निधि शर्मा ने बरामद इंजेक्शनों की तकनीकी जांच की। जांच में पुष्टि हुई कि दोनों इंजेक्शन Controlled Drugs की श्रेणी में आते हैं, जिनका परिवहन केवल अधिकृत लाइसेंस धारकों द्वारा किया जा सकता है। विभाग ने मौके पर औपचारिक इन्वेंट्री रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई को दस्तावेजीकृत किया।
फरार अभियुक्त पर NDPS एक्ट में मुकदमा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह इंजेक्शन फरार अभियुक्त रिपुल चौहान पुत्र रक्षपाल सिंह निवासी बिजनौर द्वारा मंगाए गए थे। अभियुक्त के खिलाफ पहले ही एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 8/21/22/60/29 के तहत मुकदमा दर्ज है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
कार्रवाई में शामिल टीम
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक हरेंद्र सिंह चौधरी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक के.सी. आर्य, उपनिरीक्षक सुनील सुतेड़ी (प्रभारी एसओजी), उपनिरीक्षक हेमचंद्र तिवारी, मनोज सिंह धौनी, गिरीश चंद्र, हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार, विनय कुमार और दीपक कुमार सक्रिय रहे।
‘नशा तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा’ – SSP
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस तंत्र नशे की रोकथाम के लिए पूरी तरह सक्रिय है और आगे भी इस प्रकार की सख्त व निर्णायक कार्रवाई होती रहेगी।
