कोविड-19 वैक्सीन की पहली खेप पहुंची उत्तराखण्ड में

मुंबई से स्पाइसजेट की फ्लाइट से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंची कोविड-19 वैक्सीन
पहली खेप में सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार कोविशील्ड की एक लाख 13 हजार डोज
आज सुबह तक जिलों में स्थित स्टोरेज में पहुंच जाएगी वैक्सीन
देहरादून । पिछले दस माह से कोरोना संक्रमण से जूझ रहे उत्तराखंड के लिए राहत भरी खबर है। देश के अन्य राज्यों की तरह बुधवार को यहां भी कोविड-19 वैक्सीन की पहली खेप पहुंच चुकी है। पहली खेप में सीरम इंटस्टीट्यूट द्वारा तैयार वैक्सीन ‘कोविशील्ड‘ की एक लाख 13 डोज पहुंची है। राजधानी देहरादून के चंद्रनगर स्थित राज्य औषधि भंडार से वैक्सीन को गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के रीजनल स्टोरेज को भेज दी है। प्रत्येक वैक्सीन वाहन के साथ एक-एक पुलिस स्कार्ट वाहन भी उपलब्ध कराया गया है। जिलों में बनाए गए स्टोरेज में वैक्सीन आज सुबह तक पहुंच जाएगी। 
पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट में बनी कोविड-19 वैक्सीन की पहली खेप मुंबई से स्पाइसजेट की फ्लाइट से बुधवार अपराह्न को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची। राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डा. केएस मर्तोलिया ने यहां पर वैक्सीन प्राप्त की।  उन्होंने बताया कि पहली खेप में राज्य को वैक्सीन की एक लाख 13 हजार डोज मिली है। बता दें कि अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी दो दिन बाद यानी 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण शुरू हो रहा है। पहले चरण में हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी। सभी जिला चिकित्सालय, मेडिकल कालेज, एम्स, मिलिट्री अस्पताल, उप जिला चिकित्सालय और प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकारण होगा। इनमें आशा वर्कर व एएनएम को भी शामिल किया गया है। हरिद्वार कुंभ को देखते हुए हरिद्वार जनपद को प्राथमिकता दी जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डा. सरोज नैथानी के मुताबिक वैक्सीन की एक लाख 15 हजार डोज से दोनों खुराक देने पर 5 फीसद स्वास्थ्य कर्मियों का ही टीकाकरण हो पाएगा। बाकि 50 फीसद कर्मचारियों के लिए पुन: वैक्सीन की आपूर्ति होगी। 
कुंभ को मद्देनजर रखते हुए वहां पर शत—प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा। बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों के बाद दूसरे चरण में पुलिस कर्मी, सफाई कर्मी, होमगार्ड के जवान, राजस्व कर्मी व अन्य फ्रंटलाइन वर्कर को टीके लगाए जाने हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 वैक्सीन की दो खुराक लगनी है। दूसरी खुराक पहली खुराक के 28 दिन बाद लगाई जाएगी। प्रत्येक लाभार्थी को एक वैक्सीनेशन कार्ड भी दिया जाएगा, जिसकी आपूर्ति भी वैक्सीन के साथ की जा रही है। साथ ही प्रत्येक डोज के साथ आटो डिस्पोजेबल सीरिंज भी उपलब्ध कराई जा रही है।

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