Uttarakhand

खाद्य पदार्थों की शुद्धता सरकार की प्राथमिकता : अपर जिलाधिकारी

रुद्रपुर। अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने कहा कि जनता को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना सरकार एवं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित जांच व सैम्पलिंग के माध्यम से मिलावटखोरी पर रोक लगाई जाएगी। वह शुक्रवार को जिला सभागार में आयोजित जिला खाद्य सुरक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि त्योहारों को देखते हुए व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया जाए तथा अधोमानक व असुरक्षित खाद्य पदार्थ पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने दुग्ध, पनीर, खोया, तेल और घी सहित प्रमुख खाद्य पदार्थों की विशेष चैकिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही बाहर से आ रहे मिलावटी सामान पर रोक लगाने के लिए नाकों व खत्तों पर संयुक्त टीमों द्वारा कार्रवाई करने को कहा।उन्होंने कहा कि पोस्टर, बैनर, प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जनता को जागरूक किया जाए। साथ ही खाद्य सुरक्षा एप व टोल फ्री नंबर 1800112100 का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि नागरिक मिलावटी खाद्य पदार्थों की सूचना आसानी से दर्ज करा सकें।

खाद्य सुरक्षा अभिहित अधिकारी डॉ. प्रकाश फुलारा और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बैठक में पीपीटी प्रस्तुत कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि त्रैमासिक अवधि में 58 सैंपल लिए गए, जिनमें से 07 असुरक्षित और 01 अधोमानक पाया गया। वर्ष 2021 से अब तक 1155 सैंपल जांचे गए, जिनमें से 205 असफल पाए गए और 193 प्रकरणों में वाद दायर किए गए। इनमें से 89 का निस्तारण कर 52 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।बैठक में एसीएमओ डॉ. हरेन्द्र मलिक, पंतनगर विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. अर्चना कुशवाहा, डीपीओ मुकुल चौधरी, जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी, उद्योग प्रबंधक किरण गोस्वामी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशा आर्या, अपर्णा शाह सहित कई विभागीय अधिकारी एवं समिति सदस्य मौजूद रहे।

Shubham Mishra