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गौचर : मुख्यमंत्री घोषणा के दो साल बाद भी नहीं हुआ स्वास्थ्य केंद्र का उच्चिकरण, जनता में नाराजगी

गौचर से के एस असवाल की रिपोर्ट

गौचर (चमोली), 29 अक्टूबर।
नगर पालिका क्षेत्र गौचर स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के उच्चिकरण को लेकर मुख्यमंत्री की घोषणा को दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से स्थानीय जनता अपने को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित इस स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास पहले तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ और बाद में रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया था। इसके बाद कांग्रेस शासनकाल में सीएचसी पैटर्न पर बने विशालकाय भवन का उद्घाटन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने किया था। उस समय क्षेत्रवासियों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही यहां समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

लेकिन लगभग 25 वर्ष गुजर जाने और वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गौचर मेले में दो बार उच्चिकरण की घोषणा करने के बावजूद भी आज तक यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। इससे स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधि खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के कार्यकर्ता इस मुद्दे पर कई बार धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष राकेश लिंगवाल लगातार शासन-प्रशासन को पत्र लिखकर उच्चिकरण की मांग करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि “मुख्यमंत्री की दो बार की घोषणा के बावजूद फाइल पर कोई अमल नहीं होना बेहद निराशाजनक है। अगर मुख्यमंत्री की घोषणाएं ही अमल में नहीं आतीं, तो जनता भरोसा किस पर करे?”

पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि “कांग्रेस शासनकाल में बने नवनिर्मित भवन में अब तक सीएचसी जैसी सुविधाएं नहीं दी गई हैं, जिससे जनता में सरकार के प्रति गहरी नाराजगी है।”

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अब समय आ गया है जब जनता को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर सड़कों पर उतरना चाहिए।

गौरतलब है कि गौचर चमोली जिले का प्रवेश द्वार है और यहां से सटे लगभग 45 ग्राम सभाओं में करीब 45 हजार की आबादी निवास करती है। यहां रेलवे निर्माण, आईटीबीपी केंद्र, राजकीय पॉलिटेक्निक, एसडीआरएफ सहित कई महत्त्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं, फिर भी नगर पालिका क्षेत्र होते हुए भी एक समुचित अस्पताल का न होना स्थानीय लोगों के लिए चिंता और शर्मिंदगी का विषय बना हुआ है।

Uma Shankar Kukreti