HDFC ERGO ने जिला प्रशासन के नाम 8.92 लाख का चेक जमा कराया
कठोर कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन के सामने झुकी बीमा कंपनी
देहरादून, 06 दिसंबर 2025 (सू.वि.)
जिलाधिकारी सविन बंसल के कड़े रुख के बाद एचडीएफसी ERGO जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड द्वारा जिला प्रशासन के नाम 8,92,000 रुपये का चेक जमा कराया गया है। इससे पहले बीमा कंपनी द्वारा बीमित ऋण होने के बावजूद 09 वर्षीय बालिका की विधवा माता सुप्रिया नौटियाल से ऋण वसूली की जा रही थी।

जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी को 5 दिन के भीतर ऋण माफ करने का आदेश दिया था। आदेश का पालन न करने पर सम्पत्ति कुर्की और नीलामी की चेतावनी दी गई थी।
महिला की शिकायत पर त्वरित एक्शन
15 नवम्बर 2025 को फरियादी सुप्रिया नौटियाल ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि उनके पति स्व. प्रदीप रतूड़ी द्वारा वाहन खरीद के लिए 8,11,709 रुपये का ऋण लिया गया था। बैंक द्वारा इसे बीमा अनिवार्य बताया गया और HDFC ERGO से सर्व सुरक्षा प्लस पॉलिसी कराई गई।
शिकायत के अनुसार—
- पॉलिसी दस्तावेज कभी उपलब्ध नहीं कराए गए
- पति के देहांत के बाद लोन चुकाने के लिए दबाव बनाया गया
- वाहन उठाने की धमकी मिली
इस पर डीएम ने संज्ञान लेते हुए कंपनी पर 8.11 लाख की रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) जारी की।
बीमा के बाद भी वसूली—कुर्की की चेतावनी
बीमित ऋण होने के बाद भी वसूली करने को गंभीर अनियमितता मानते हुए जिलाधिकारी ने कंपनी को निर्देश दिया कि तय अवधि में राशि जमा करें, अन्यथा कुर्की एवं नीलामी की कार्रवाई की जाएगी। परिणामस्वरूप कंपनी ने निर्धारित समय के भीतर 8.92 लाख रुपये तहसील सदर में जमा करा दिए।
अन्य कंपनियां भी रडार पर
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया है कि बीमित ऋण के बाद भी वसूली करने वाली अन्य बैंक व इंश्योरेंस कंपनियां भी निगरानी में हैं। जिले में इस तरह के मामलों में पूर्व में भी कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें कुर्की और शाखा बंदी की कार्यवाही तक हो चुकी है।
जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश
- उपभोक्ता हित सर्वोपरि
- धोखाधड़ी या अनियमितता पर कठोर कार्रवाई
- असहाय व पीड़ित परिवारों को त्वरित न्याय
DM के सख्त निर्णय से पीड़ित परिवार को राहत
इस कार्रवाई से 09 वर्षीय बालिका और उसकी विधवा माता को तत्काल राहत मिली है। जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे मामलों पर और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
