“देवभूमि में गूंजे जय हिंद के नारे, पूर्व सैनिक रैली में शामिल हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी
“देवभूमि मेगा पूर्व सैनिक रैली में गणेश जोशी हुए भावुक”
“सैनिकों के बीच स्वयं को जवान मानते हैं मंत्री गणेश जोशी”
“उत्तराखंड सैनिकों की भूमि है — गणेश जोशी”
“सैन्य धाम बनेगा शौर्य और बलिदान का प्रतीक: गणेश जोशी”
“पूर्व सैनिकों के सम्मान को समर्पित रही देवभूमि मेगा रैली
देहरादून, 11 अक्टूबर।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित “देवभूमि मेगा पूर्व सैनिक रैली” में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) एवं मुख्य रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से हजारों पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सीडीएस जनरल अनिल चौहान को “हाउस ऑफ हिमालयाज” के उत्पादों की किट भेंट की।

अपने संबोधन के दौरान मंत्री जोशी ने अपनी सैनिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा—
“मैं 4057572 राइफलमैन गणेश जोशी, गढ़वाल राइफल का ही जवान था। यदि मैं सैन्य पृष्ठभूमि से न होता, तो शायद विधायक या मंत्री भी नहीं बन पाता।”
उनके इस आत्मीय वक्तव्य पर पूरा मैदान “जय हिंद” के नारों से गूंज उठा और उपस्थित पूर्व सैनिक भावविभोर हो उठे।

मंत्री जोशी ने कहा कि वे जब भी सैनिकों के बीच जाते हैं, तो एक मंत्री के रूप में नहीं बल्कि एक पूर्व सैनिक के रूप में जाते हैं। उन्होंने कहा कि सैनिकों के कार्यक्रम जहां भी आयोजित होते हैं, वहां पहुंचना वे अपना दायित्व मानते हैं।
उन्होंने कहा—
“यह हमारा सौभाग्य है कि उत्तराखंड के राज्यपाल एक पूर्व सैनिक हैं, प्रदेश के मुख्यमंत्री एक पूर्व सैनिक के पुत्र हैं और सैनिक कल्याण मंत्री स्वयं एक पूर्व सैनिक हैं। यह दर्शाता है कि हमारी सरकार सैनिकों के सम्मान और उनके कल्याण के प्रति कितनी संवेदनशील है।”
मंत्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण हेतु अनेक ऐतिहासिक कदम उठा रही है।
“हम किसी शहीद को वापस नहीं ला सकते, लेकिन उनकी वीरता को जीवित रखना और उनके बलिदान का सम्मान करना हर देशवासी का कर्तव्य है,” उन्होंने कहा।
मंत्री जोशी ने बताया कि देहरादून के गुनीयाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है। ‘शहीद सम्मान यात्रा’ के दौरान प्रदेश के 1734 शहीद परिवारों के आंगन की पवित्र मिट्टी और 28 पवित्र नदियों का जल इस धाम की अमर जवान ज्योति में प्रतिस्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि शीघ्र ही यह सैन्य धाम प्रदेश की जनता को समर्पित किया जाएगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए शौर्य, बलिदान और देशभक्ति का प्रेरणास्त्रोत बनेगा।
इस अवसर पर मंत्री जोशी ने यह भी बताया कि सैनिक कल्याण विभाग द्वारा उत्तराखंड सब एरिया को गोल्फ कार्ट प्रदान किए गए हैं, जिन्हें उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) के माध्यम से वित्त पोषित किया गया है। ये गोल्फ कार्ट पूर्व सैनिकों, वृद्धजनों और दिव्यांग सैनिकों की सुविधा के लिए समर्पित हैं।
अंत में मंत्री जोशी ने कहा—
“उत्तराखंड सैनिकों की भूमि है और राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के हित में निरंतर कार्यरत है।”
