श्री केदारनाथ धाम में बीकेटीसी व श्री केदार सभा की संयुक्त बैठक संपन्न
धाम की गरिमा, यात्री सुविधा और समन्वय पर हुई विस्तृत चर्चा
श्री केदारनाथ धाम, 17 अक्टूबर।
दीपावली से पूर्व आज श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) तथा श्री केदारनाथ तीर्थ पुरोहितों की शीर्ष संस्था श्री केदार सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित केदार सभा के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सहज व सुगम दर्शन व्यवस्था, धार्मिक परंपराओं का पालन, हक-हकूक संरक्षण, पूजा-अर्चना, निर्माण कार्यों की पारदर्शिता, तथा धाम परिसर में रील व वीडियो निर्माण पर नियंत्रण जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बैठक में तीर्थयात्रियों की सुविधा और धाम की मर्यादा को लेकर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि “केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितगण श्री केदारनाथ तीर्थयात्रा के अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग हैं तथा बीकेटीसी परिवार के सदस्य भी हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस यात्रा वर्ष में अब तक 17,20,855 श्रद्धालु श्री केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं, और 23 अक्टूबर को धाम के कपाट विधिवत रूप से बंद होंगे।
श्री केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि सनातनी परंपराओं और मूल्यों का पालन धाम की पहचान है, इसलिए यात्रियों को गरिमा और मर्यादा से परिचित कराना आवश्यक है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि धार्मिक परंपराओं की गरिमा के साथ यात्रियों की सुविधा कार्ययोजना पर अमल किया जाएगा। साथ ही कपाट बंद होने तक आवास, पेयजल, स्वच्छता और अलाव व्यवस्था जैसी सुविधाओं को सुचारू रखने के लिए स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान, श्री केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, मंत्री राजेन्द्र तिवारी, तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी, पंकज शुक्ला, संजय तिवारी, अंकित सेमवाल, अनिल शुक्ला, उमेश पोस्ती, प्रदीप शुक्ला एवं प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहित, हकहकूकधारी एवं बीकेटीसी कर्मचारी उपस्थित रहे
