रुड़की में माँ व 6 साल की बेटी से सामुहिक दुष्कर्म के दरिंदो को कोर्ट में पैरवी करने लिए नही मिल रहे वकील

Spread the love

रुड़की: रुड़की में हुए सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को अब तलाशने से भी वकील नहीं मिल रहें हैं। हालात ये हैं कि दुष्कर्मियों का केस सुनने के बाद वकील केस लड़ने से मना कर दे रहें हैं।

रुड़की में महिला और छह साल की बच्ची से हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपियों को अब कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए वकील नहीं मिल रहें हैं।

दिल्ली से दो वकील आरोपियों का केस लड़ने के लिए के लिए पहुंचे थे। हालांकि जब उन्होंने आरोपियों का पूरा केस सुना तो उन्होंने आरोपियों का केस लड़ने से इंकार कर दिया। इसके बाद वो दिल्ली लौट गए। बताया जा रहा है कि हरिद्वार, सहारनपुर और अन्य स्थानों के वकीलों के संपर्क से सम्पर्क कर रहे है।

बताया जा रहा है कि आरोपियों के परिजनों ने इन वकीलों को पूरी जानकारी नहीं दी थी।  सिर्फ   उन्हें  गिरफ्तारी के बारे में बताया गया था। सामूहिक दुष्कर्म के बारे में उन्हें नहीं बताया गया था। जब वकीलों ने गैंग रेप के बारे में जानकारी दी तो वकीलों ने केस लड़ने से मना कर दिया। इसके बाद वो दिल्ली लौट गए

बता दे 25/06/22 को मुकदमा वादिनी/पीडिता निवासी कलियर थाना कलियर जनपद हरिद्वार ने बयान जुबानी के आधार पर कोतवाली रूडकी में मु0अ0सं0 475/22 धारा 376 (घ)/376(घ)(ख) भादवि व 5M/6 पोक्सो अधि0 पंजीकृत कराया। अभियोग में पीडिता द्वारा अपनी 05 वर्ष की पुत्री एवं स्वंय के साथ सामूहिक बलात्कार करने के आरोप लगाये गये।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने भी पीड़िता से मिलकर उनका दर्द को समझा
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सिविल अस्पताल पहुंचकर मां और बच्ची से बातचीत की। महिला आयोग अध्यक्ष ने बताया कि जानकारी मिली है कि महिला के पास रहने के लिए स्थाई आवास की सुविधा नहीं है। आयोग अध्यक्ष ने सीएमएस डॉ. संजय कंसल से भी मुलाकात की। डॉ. कंसल ने बताया कि बच्ची पूरी तरह से ठीक है। महिला और उसकी बच्ची के पुर्नवास के लिए आयोग अध्यक्ष ने उन्हें नारी निकेतन भेजने की बात कही। बताया कि बच्ची के भविष्य, उसकी पढ़ाई-लिखाई जरूरी है। महिला नारी निकेतन जाने को राजी है। महिला आयोग अध्यक्ष ने जिलाधिकारी हरिद्वार को पत्र लिखकर महिला और बच्ची को नारी निकेतन भेजने के लिए कार्रवाई करने को कहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.