देहरादूनपौड़ी

*पौड़ी गढ़वाल में गुलदार का कहर: 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत, वन मंत्री ने दिए अतिआवश्यक आदेश.

 

वन मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देश पर गुलदार को पकड़ने, ट्रैंक्विलाइज़ करने व आवश्यक परिस्थिति में नष्ट करने के आदेश जारी**

पौड़ी गढ़वाल | 04 दिसंबर 2025

पौड़ी गढ़वाल जनपद के ग्राम चवथ पट्टी, इडवालस्यूं-03 में आज सुबह लगभग 8:30 बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब गुलदार के हमले में 42 वर्षीय श्री राजेन्द्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल फैल गया है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियाँ देखी जा रही थीं, लेकिन सुबह हुआ यह अचानक हमला पूरे गाँव के लिए बेहद भयावह साबित हुआ।

घटना की जानकारी मिलते ही वन मंत्री सुबोध उनियाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों से तत्काल बातचीत कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देशों के बाद मुख्य वन संरक्षक/मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड, देहरादून द्वारा आदेश संख्या 1900/6-28, दिनांक 04 दिसंबर 2025 जारी किया गया।

क्या हैं आदेश के मुख्य बिंदु?

  • गुलदार को पकड़ने, ट्रैंक्विलाइज़ करने और
  • सभी प्रयास विफल होने व परिस्थिति अत्यंत बाध्यकारी होने पर
    अंतिम विकल्प के रूप में उसे नष्ट करने की अनुमति।
  • कार्रवाई के लिए 15 दिनों की विशेष अनुमति दी गई है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकेगा।
  • क्षेत्र में कैमरा ट्रैप, ड्रोन मॉनिटरिंग, पीटीएस रैंक, तथा पिंजरे लगाने जैसे उपाय तुरंत लागू किए जा रहे हैं।
  • गुलदार पकड़े जाने पर इसकी जानकारी तत्काल विभागीय कार्यालय को भेजी जाएगी।

स्थानीय नागरिकों के लिए अलर्ट

वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, खासकर—

  • महिलाओं
  • बच्चों
  • स्कूलों के आसपास के क्षेत्रों में
    गश्त बढ़ा दी गई है और किसी भी मूवमेंट की सूचना तुरंत देने को कहा गया है।

सहायता प्रक्रिया शुरू

मृतक के परिजनों के लिए नियमों के अनुसार सहायता प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसे हमलों की रोकथाम के लिए स्थायी समाधान की भी मांग रखी है।

फिलहाल वन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और गुलदार की लोकेशन ट्रैक करने, उसे पकड़ने या ट्रैंक्विलाइज़ करने की कार्रवाई तेज़ कर दी गई है। मंत्री सुबोध उनियाल के त्वरित हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र में राहत और सुरक्षा की उम्मीद बढ़ी है।

 

Uma Shankar Kukreti