दुष्कर्म पीड़िता से आरोपी के खिलाफ कार्यवाही के एवज में शारीरिक संबंध व पांच लाख की डिमांड के आरोप में मुखानी के पूर्व थानाध्यक्ष निलंबित

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नैनीताल/हल्द्वानी। मुखानी थाने के पूर्व थानाध्यक्ष पर दुष्कर्म पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव एवं पांच लाख की डिमांड के आरोप में पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए निलंबन की कार्यवाही की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष तरुण साह के खिलाफ एक महिला नेत्री ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। मामले में कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने मुखानी के थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट से संपर्क किया। लेकिन तत्कालीन एसओ दीपक बिष्ट ने वर्दी का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता से इसके एवज में पांच लाख की डिमांड के साथ शारिरिक संबंध बनाने की डिमांड कर दी। पीड़िता ने इस दौरान मोबाइल पर सारी बातचीत रिकार्ड करने के साथ डीजीपी तक शिकायत कर दी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद न्यायालय ने पूरे मामले की प्रगति रिपोर्ट मांगी। न्यायालय में सुनवाई के दौरान पीड़िता के अधिवक्ता ने घटना की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि आरोपी तरुण साह को राजनीतिक व पुलिस संरक्षण प्राप्त है।

बुधवार को एकलपीठ में सुनवाई के दौरान मामले के विवेचनाधिकारी व रामनगर सीओ बीएस भाकुनी ने अदालत को बताया कि दीपक बिष्ट के विरुद्ध मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कोर्ट ने इस जवाब से असंतुष्ट होकर दो बजे तक पूरे रिकॉर्ड मांगे। जिसके उपरांत दो बजे सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में सरकार ने जानकारी दी कि मुखानी के पूर्व थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट को निलंबित कर दिया गया है। जिसकी पुष्टि जिले के एसएसपी पंकज भट्ट द्वारा भी की गई है। अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी। अभियोजन के अनुसार 26 अप्रैल को हल्द्वानी की महिला ने एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष तरुण पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। कहा कि उसे धमकाया जा रहा है। आरोपित उसे इंटरनेट मीडिया में बदनाम कर रहा है। पीड़िता के अनुसार उसके पति बीमार हैं। जिनकी हर हफ्ते तीन बार डायलिसिस करानी पड़ती हैं, बावजूद जब उसने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की तो एसएचओ ने उनको फोन कर बुलाया और इस तरह की डिमांड रखी।

आपको बता दें कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ ने इस मामले में दोपहर दो बजे तक रिपोर्ट मांगी थी। यह मामला एनएसयूआई के पूर्व जिलाध्यक्ष तरुण साह से संबंधित है। दरअसल तरुण पर महिला नेत्री ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। तरुण ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

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