उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए नरेश बंसल, स्वागत में भाजपाईयों ने निकाला जुलूस*

*उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए नरेश बंसल, स्वागत में भाजपाईयों ने निकाला जुलूस*

देहरादून। उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के लिए हुए चुनाव में एकमात्र भाजपा प्रत्याशी नरेश बंसल निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। चुनाव प्रक्रिया के तहत सोमवार को नाम वापसी की तिथि थी। निर्धारित समय गुजरने के बाद ठीक चार बजे विधानसभा के प्रभारी सचिव एवं रिटर्निंग अफसर मुकेश सिंघल ने बंसल के निर्वाचन की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी, प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल समेत पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित थे। बंसल के निर्वाचन की घोषणा के साथ ही उपस्थित लोगों ने तालियां बजाकर नरेश बंसल को बधाई थी। चुनाव अधिकारी ने उन्हें निर्वाचन पत्र सौंपा। राज्यसभा की सीट पर कांग्रेस के राजबब्बर सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। इसके बाद बंसल उनकी जगह लेंगे।

*बंसल ने कहा राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को करेंगे साकार*

नरेश बंसल ने भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार जताया और कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए वह हरसंभव प्रयास करेंगे। उत्तराखंड राज्य आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अनेक कुर्बानियों के बाद राज्य मिला। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने के लिए वह कार्य करेंगे। यही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अलग राज्य के लिए राज्य में आंदोलन हुआ। माताओं बहनों ने संघर्ष किया। तत्कालीन सरकारों के अत्याचारों को झेला। आंदोलन के मुद्दों और आंदोलनकारियों की भावनाओं को समझकर पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने राज्य दिया। सपनों को साकार करने के लिए पीएम मोदी और त्रिवेंद्र सरकार काम कर कर रहे हैं।

*ढोल बाजों के साथ भाजपा मुख्यालय पहुंचा विजय जुलूस*

विधानसभा में निर्वाचित घोषित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल बाजों के साथ जिंदाबाद के नारे लगए। यहां से विजय जुलूस की शक्ल में सभी पार्टी नेता और कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय की ओर रवाना हुआ। धर्मपुर, फव्वारा चौक से होते हुए वे पार्टी कार्यालय पहुंचे। वहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी के साथ स्वागत किया। इसके बाद बंसल ने डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर, सरदार बल्लभ भाई पटेल, इंद्रमणि बडोनी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अग्र कुल शिरोमणि महाराजा अग्रसेन की मूर्तियों पर भी माल्यार्पण किया। इसके बाद परिवार सहित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर और शीतला माता मंदिर में शीश नवाकर प्रार्थना की।

*50 साल के काम का मिला ईनाम*

उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष नरेश बंसल 50 साल से राष्ट्रीय स्वयं सेवक के समर्पित कार्यकर्ता हैं। वे मात्र आठ साल की उम्र में स्वयं सेवक बन गए थे। उनका सामाजिक व राजनैतिक जीवन लंबा रहा है। कुशल नेतृत्व व बेहतर सांगठनिक कौशल के कारण पार्टी में उनकी छवि हरफनमौला की है। उनकी इसी कार्यशैली से भाजपा हाईकमान ने राज्यसभा सीट के लिए उन्हें उम्मीदवार घोषित किया है। फरवरी 1977 में सिंचाई विभाग में संघ से संपर्क के कारण सेवा समाप्ति का नोटिस मिला। जुलाई 1977 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और बाद में उनकी नियुक्ति यूको बैंक में हुई। नरेश बंसल 1980 से 1986 तक हिंदू जागरण मंच के नगर अध्यक्ष रहे। बंसल ने चार नवंबर 2002 से 2009 तक पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में प्रदेश संगठन महामंत्री के दायित्व का निर्वहन किया।

*2019 के लोस चुनाव में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व संभाला*

2009 से 2012 तक तत्कालीन प्रदेश भाजपा सरकार में अध्यक्ष आवास एवं विकास परिषद का दायित्व मिला।2009 से 2012 तक भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य रहे। 2012 में विधानसभा चुनाव में प्रदेश चुनाव अभियान समिति के सचिव का दायित्व मिला। बंसल ने 2012 में केंद्र के आदेश पर राज्यसभा के लिए नामांकन किया, लेकिन बाद में नाम वापस लिया। 2004, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश के स्टार प्रचार की सूची शामिल रहे। 2012 से 2019 तक प्रदेश महामंत्री रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व संभाला।

 

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