राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर पौड़ी में 1.48 लाख बच्चों को दी जाएगी कृमि नाशक दवा एल्बेंडाजोल
- पौड़ी में आज कृमि मुक्ति अभियान, डेढ़ लाख से अधिक बच्चों को मिलेगी दवा
- स्वास्थ्य विभाग पौड़ी का अभियान: स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को खिलाई जाएगी कृमि नाशक दवा
- बच्चों को कृमि से मुक्त करने का अभियान आज से, पौड़ी जिले में बड़े पैमाने पर दवा वितरण
- स्वस्थ भविष्य की ओर कदम: पौड़ी में एल्बेंडाजोल दवा पिलाकर बच्चों को बनाया जाएगा कृमि मुक्त
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।स्वास्थ्य विभाग पौड़ी की ओर से जनपद में 8 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 1924 सरकारी स्कूलों 364,निजी विद्यालयों 1857 आंगनब़ाड़ी व 38 व्यावसायिक शिक्षण संस्थानो के माध्यम से 1 से 19 आयु वर्ष तक के सभी बच्चों को कृमि नाशक दवायी एल्बेएण्डाजाॅल खिलायी जायेगी। विद्यालय और आगंनबाड़ी केन्द्रों में दवा खाने से छूट गये बच्चों को 15 अक्टूबर 2025 को माॅप अप डे दिवस पर दवा खिलायी जायेगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ.शिव मोहन शुक्ला द्वारा जानकारी देते हुये बताया गया कि,कार्यक्रम के तहत जनपद में कुल 148364 बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवायी खिलायी जानी है,कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु विकासखण्ड स्तर पर दवा वितरण के साथ ही ब्लाक स्तर पर सभी स्कूल प्रबन्धन आगंनबाडी व आशा कार्यकत्रियों के प्रशिक्षण के साथ ही आवश्यक कार्यवाहियां पूर्ण की जा चुकी हैं। उनके द्वारा कहा गया कि,साफ-सफाई के अभाव में कृमि बच्चों के शरीर में प्रवेश कर जाते है,जिस कारण बच्चों में विभिन्न तरह की बीमारियां उत्पन्न होने लगती है जिससे बच्चों के शरीर में खून की कमी,कुपोषण,और उनकी वृद्धि व विकास में रुकावट आ जाती है जिससे बच्चों की सेहत शिक्षा और कार्यक्षमता पर हानिकारक प्रभाव पड सकता है उनमें थकावट,चिढ़चिढ़ापन,चेहरे पर सफेद दाग जैसे लक्षण दिखाई देते हैं,जिससे बच्चों में पढाई के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही देखने को मिलती है,इसलिए बच्चों के पेट में उत्पन्न होने वाले कृमि को मारना आवश्यक है।एलबेंडाजॅाल की दवाई पूर्ण रुप से सुरक्षित है,एवं प्रत्येक 6 माह में विभाग की ओर से बच्चों को यह दवाई खिलायी जा रही है उनके द्वारा सभी अभिभावकों से अपील करते हुये कहा गया कि,बच्चों को लेकर साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें एवं अपने बच्चों को स्वस्थ एवं कृमि से मुक्त रखने हेतु एल्बेंडाजाॅल की दवाई अवश्य खिलायें।
