रम्पुरा की महिलाओं को बिजली कनेक्शन न मिलने पर भड़के विधायक, बोले– जरूरत पड़ी तो डीएम कार्यालय के बाहर बिछा दूंगा दरी
रुद्रपुर। नजूल व दानपात्र की भूमि पर बसे हजारों परिवारों को बिजली कनेक्शन न मिलने का विवाद गहराता जा रहा है। ताजा मामला रम्पुरा का है, जहां कनेक्शन के लिए पहुंची महिलाओं की फाइलें यह कहकर लौटा दी गईं कि बिना जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) से नक्शा पास कराए कनेक्शन नहीं दिया जाएगा। इससे क्षुब्ध विधायक शिव अरोरा अटरिया मोड़ स्थित बिजलीघर पहुंचे और एसडीओ अन्नू अरोरा को जमकर फटकार लगाई। विधायक ने साफ कहा कि रुद्रपुर के नजूल दानपात्र पर बसे करीब 30 हजार परिवारों के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक ने अफसरों को याद दिलाया कि कुछ दिन पहले वह नजूल भूमि पर बसे लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जिला विकास प्राधिकरण गए थे, जहां प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने आश्वासन दिया था कि जिन बस्तियों में लोगों के पास भू-स्वामित्व नहीं है, उन्हें नक्शा स्वीकृति की अनिवार्यता से बाहर रखा जाएगा।इसके बावजूद रम्पुरा व अन्य नजूल बस्तियों की महिलाओं की फाइलें लौटा देना, उनके अनुसार, आश्वासन और जनहित दोनों के विपरीत है। गुस्से में विधायक ने एसडीओ से कहा कि रम्पुरा, जगतपुरा समेत नजूल दानपात्र की हर बस्ती के गरीब परिवार को कनेक्शन मिलना चाहिए, एक भी पात्र परिवार छूटना नहीं चाहिए।अरोरा ने मौके पर ही जिलाधिकारी नितिन भदौरिया से दूरभाष पर वार्ता कर नाराजगी जताई और कहा कि बिना पूर्व अध्ययन के ऐसे आदेश जारी किए जा रहे हैं, जबकि नजूल भूमि पर बसे परिवारों के पास न तो मालिकाना हक है और न ही वे नक्शा पास करा सकते हैं।विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला तो वह रुद्रपुर के 30 हजार परिवारों के लिए जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर दरी बिछाकर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की मंशा गरीबों को राहत देने की है, ऐसे आदेश उस भावना के विपरीत हैं और इन्हें हर हाल में दुरुस्त किया जाएगा।जिलाधिकारी ने विधायक को भरोसा दिलाया कि सोमवार को सुबह 11.30 बजे जिला विकास प्राधिकरण व विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट आदेश जारी किए जाएंगे और नजूल दानपात्र पर रहने वालों के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने की अनिवार्यता समाप्त करने पर निर्णय होगा। विधायक ने बिजलीघर में ही निर्देश दिया कि नजूल बस्तियों के सभी आवेदकों की फाइलें वापस लेकर कनेक्शन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए, जनहित सर्वोपरि है और इसके लिए वह किसी भी स्तर पर संघर्ष को तैयार हैं। इस दौरान राधेश शर्मा, राजेंद्र राठौर, धीरेश गुप्ता, राजकुमार साह, मनोज मदान, जीतेन्द्र संधू, पिंटू पाल, राज कोली, चन्द्रसेन चंदा, मयंक कक्कड़, विष्णु सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
