देहरादून

अनुग्रह बांध प्रभावितों का अधिकार: मुआवजा वितरण टाइमबाउंड करें — डीएम सविन बंसल

10 दिन में परिसंपत्ति मूल्यांकन पूर्ण करने के निर्देश, गणना सीट न देने पर यूजीवीएनएल अधिकारियों को फटकार

देहरादून, 20 नवंबर 2025 (सू.वि.)। लखवाड़–व्यासी जल विद्युत परियोजना से प्रभावितों के मुआवजा वितरण की प्रगति पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने गुरुवार को महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रभावितों सहित यूजीवीएनएल, राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

जिलाधिकारी ने कहा कि लखवाड़–व्यासी परियोजना राज्य और देश दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन में “हम सबकी भूमिका अत्यंत गहन है।” उन्होंने निर्देश दिया कि मुआवजा और अनुग्रह राशि का भुगतान समयबद्ध (टाइमबाउंड) तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

10 दिन में परिसंपत्ति मूल्यांकन पूरा करने का निर्देश

डीएम ने परियोजना अधिग्रहित भूमि पर स्थित भवनों, परिसंपत्तियों एवं अन्य संरचनाओं का मूल्यांकन कार्य 10 दिन के भीतर हर हाल में पूरा करने को कहा। जिन मामलों में मूल्यांकन नहीं हुआ है या प्रभावितों ने आपत्ति दर्ज की है, वहाँ नियत शिड्यूल बनाकर पारदर्शी मूल्यांकन कराने को कहा गया।

गणना सीट प्रस्तुत न करने पर फटकार

यूजीवीएनएल द्वारा अब तक गणना सीट प्रस्तुत न करने पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फटकार लगाई और 5 दिसम्बर तक गणना सीट उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए।

हर सप्ताह एक दिन स्थानीय कैंप

डीएम बंसल ने कहा कि राजस्व, यूजीवीएनएल और संबंधित विभाग सप्ताह में एक दिन स्थानीय स्तर पर कैंप लगाकर एक ही छत के नीचे प्रभावितों की आपत्तियाँ सुनें और उनका निस्तारण करें। इससे प्रभावितों को देरी और बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

2023 के बाद पोर्टल पर दर्ज पृथक परिवारों का मुद्दा

प्रभावितों ने बताया कि कई परिवार मार्च 2023 से पहले पृथक थे, परंतु पोर्टल पर उनकी विवरण अद्यतन मार्च 2023 के बाद हुआ, जिसके कारण उन्हें पात्रता से बाहर किया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा ताकि ऐसे परिवारों को उचित लाभ मिल सके।

पात्र लाभार्थियों को तुरंत अनुग्रह अनुदान

डीएम ने विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी को निर्देशित किया कि पात्र लाभार्थियों के सभी लंबित मामलों का भुगतान तत्काल किया जाए तथा प्रक्रियाएँ पूर्ण पारदर्शिता से संचालित हों।

जिलाधिकारी बंसल ने कहा कि परियोजना की राष्ट्रीय व क्षेत्रीय महत्ता को देखते हुए सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता और संवेदनशीलता से निभानी होगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, आईएम कराती (जीएम, यूजीवीएनएल), अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह सहित प्रभावितों के प्रतिनिधि जगमोहन सिंह चौहान व स्वराज सिंह तोमर मौजूद रहे।

Uma Shankar Kukreti