गौचर में राज्यस्तरीय किसान दिवस: उत्तराखंड में 100 करोड़ का क्लीन प्लांट, जंगली जानवरों से बचाव को 90 करोड़ की घेरबाड़
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गौचर।
राज्यस्तरीय किसान दिवस के अवसर पर गौचर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि उत्तराखंड के काश्तकारों को उच्च नस्ल के फलदार पौधे उपलब्ध कराने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कम भूमि में अधिक उत्पादन के लिए केंद्र सरकार वैज्ञानिकों की टीम गठित कर रोडमैप तैयार कर रही है और इंटीग्रेटेड खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए उन्होंने पुष्कर सिंह धामी और नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड कृषि, पशुपालन और औद्यानिकी के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। जंगली जानवरों—बंदर, सुअर और भालू—से फसलों की सुरक्षा के लिए 90 करोड़ रुपये की घेरबाड़ योजना की बात भी उन्होंने कही।

केंद्रीय मंत्री ने ‘विकसित भारत’ से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बजट प्रावधानों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने मनरेगा पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अब यह योजना पारदर्शी है और ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही 309 बसावटों को जोड़ने के लिए 1228 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों हेतु 1706 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्य कृषि और पशुपालन में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने बताया कि माल्टा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं लागू हैं, 115 करोड़ की लागत से 350 पॉलीहाउस बन चुके हैं, गेहूं पर ₹20/क्विंटल और गन्ने पर ₹30/क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। न्यूजीलैंड के साथ कीवी उत्पादन बढ़ाने को एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने का करार भी हुआ है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने की। इस मौके पर थराली विधायक भूपालराम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बद्रीनाथ के पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। इससे पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने बद्री गाय की पूजा की, कृषि व उद्यान विभाग के स्टॉलों का निरीक्षण किया और प्रगतिशील काश्तकारों से संवाद किया। संचालन हर्षवर्धन थपलियाल ने किया।

कार्यक्रम से जुड़ी प्रमुख चर्चाएँ
प्रभारी मंत्री धन सिंह रावत और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही।
कृषक संवाद के दौरान पशुपालक सुधीर शैली ने मुख्यमंत्री घस्यारी योजना के तहत हरी घास आपूर्ति बंद होने से आय घटने की बात उठाई, जिस पर अधिकारी असहज दिखे।
कई महिलाओं ने बंदर, सुअर और भालू की रोकथाम की मांग जोरदार तरीके से उठाई।
केंद्रीय मंत्री के संबोधन से पहले दीर्घा का एक बड़ा हिस्सा खाली हो गया।
