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खाद्य सुरक्षा विभाग की कुट्टू के आटे को लेकर गुणवत्ता को लेकर विशेष अभियान का दिखा बाजार में असर।

 

देहरादून:शारदीय नवरात्र के दृष्टिगत आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड, डॉक्टर आर राजेश कुमार के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन जनपद देहरादून के द्वारा शारदीय नवरात्र में कुट्टू के आटे तथा व्रत में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित किए जाने हेतु जनपद देहरादून में चेकिंग अभियान चलाया।

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम देहरादून श्री रमेश सिंह ने बताया कि उपायुक्त गढ़वाल खाद्य सुरक्षा श्री आरo एस o रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून श्री मनीष सयाना के नेतृत्व में नगर निगम देहरादून क्षेत्र के दर्शानी गेट, बाबू गंज, हनुमान चौक, रामलीला बाजार आदि क्षेत्र में 24 खाद्य प्रतिष्ठानों निरीक्षण किया गया, किसी भी दुकान मै खुला कुट्टू का आटा विक्रय होते नहीं पाया गया तथा कुछ दुकानों में पैक्ड कुट्टू आटा विक्रय होते पाया गया जिसमे fsssi नंबर, निर्माण तिथि एवं एक्सपायरी की तिथि अंकित थी तीन दुकानों में fsssi लाइसेंस मौके पर नहीं पाया गया, जिन्हें नोटिस दिया गया।

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देहरादून श्री मनीष सयाना ने बताया कि खाद्य कारोबारकर्ता, आयुक्त, खाद्य सुरक्षा महोदय के निर्देशानुसार केवल fssai प्रमाणित कुट्टू के आटे को विक्रय करे जिसमें बैच नंबर, निर्माण तिथि, अवसान की तिथि तथा fssai नम्बर अंकित हो। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, जनपद देहरादून की जॉच टीम मै उपायुक्त गढ़वाल श्री राजेंद्र सिंह रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून श्री मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम श्री रमेश सिंह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी मसूरी श्री कपिल देव आदि मौजूद थे। सहायक आयुक्त श्री मनीष सयाना ने बताया कि यह अभियान पूरे नवरात्र तक जारी रहेगा।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने नवरात्र और त्योहारी सीजन से पहले कुट्टू के आटे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था जिससे बाजार में मिलावट पर अंकुश लगाने में मदद मिली है। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई करने और कुट्टू के आटे को खुले में बेचने पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। इसके परिणामस्वरूप, विक्रेता खुले में कुट्टू का आटा बेचने से बच रहे हैं और पैकेटबंद उत्पादों पर जोर दे रहे हैं, जिससे बाजार में आटे की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता बढ़ी है। 

अभियान के मुख्य बिंदु
  • खुले आटे की बिक्री पर रोक:
    खाद्य सुरक्षा विभाग ने कुट्टू के आटे को खुले में बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब यह पैकेट में ही बेचा जाएगा, जिस पर निर्माता का पता, पैकिंग और समाप्ति तिथि जैसी जानकारी अंकित होगी। 

  • सख्त निगरानी और नमूना जांच:
    विभाग टीमों द्वारा आटे की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं, ताकि मिलावट और हानिकारक तत्वों का पता लगाया जा सके। 

  • व्यापारियों के लिए जागरूकता बैठकें:
    व्यापारियों को कुट्टू के आटे के निर्माण, भंडारण और वितरण में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है ताकि स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों से बचा जा सके। 

  • दोषियों पर त्वरित कार्रवाई:
    नियम तोड़ने वाले व्यापारियों और मिलावटखोरों के खिलाफ त्वरित और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

बाजार पर प्रभाव
  • गुणवत्ता के प्रति जागरूकता:
    इस अभियान से उपभोक्ताओं और विक्रेताओं के बीच कुट्टू के आटे की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता बढ़ी है। 

  • मिलावट में कमी:
    नियमों के सख्ती से पालन और निरीक्षण के कारण बाजार में मिलावटी कुट्टू के आटे की बिक्री पर अंकुश लगा है। 

  • पैकेटबंद उत्पादों को बढ़ावा:
    खुले आटे की बिक्री पर रोक लगने से पैकेटबंद कुट्टू के आटे की मांग और बिक्री में वृद्धि की संभावना है। 

स्वास्थ्य संबंधी सावधानी
  • मिलावटी आटे से खतरा:
    मिलावटी कुट्टू के आटे से शुगर बढ़ सकता है और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। 

  • गुणवत्ता की जांच करें:
    नवरात्र व्रत में कुट्टू का आटा खरीदते समय उसकी गुणवत्ता जांच लें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही खरीदें। 

 

Uma Shankar Kukreti