नकल विरोधी कानून के तहत पंजीकृत अभियोग की विवेचना कर रही एसआईटी पहुंची टिहरी
- नकल विरोधी कानून: एसआईटी ने टिहरी में अभ्यर्थियों से किया जनसंवाद
- UKSSSC पेपर लीक मामले में एसआईटी की टिहरी पहुंच, छात्रों से ली जानकारी
- परीक्षा सुधार को लेकर एसआईटी ने छात्रों की शंकाएं व सुझाव लिपिबद्ध किए
- टिहरी में अभ्यर्थियों से संवाद कर एसआईटी ने पेपर लीक मामले की जाँच तेज की
- भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता बरकरार रखने की मांग, एसआईटी के समक्ष रखे सुझाव
टिहरी, 29 सितम्बर।
UKSSSC द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय पदों की लिखित प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्रों के फोटो आउट मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी विवेचना हेतु गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) आज टिहरी कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची।
एसआईटी ने यहां अभ्यर्थियों, छात्र-छात्राओं व अन्य लोगों से जनसंवाद किया और परीक्षा से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपनी शंकाएं रखीं, जिनमें से कई को लिखित रूप में भी एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
एसआईटी ने सभी शंकाओं व सुझावों को लिपिबद्ध कर संज्ञान लेने का आश्वासन दिया। ये सुझाव आगे मा. उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति महोदय, जो इस प्रकरण की निगरानी कर रहे हैं, के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि तथ्यपरक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
चर्चा के दौरान अभ्यर्थियों ने कहा कि बीते वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था व अभ्यर्थियों की चैकिंग/फ्रिस्किंग के कड़े मानक अपनाए गए थे, जो पारदर्शिता व निष्पक्षता के लिए अहम साबित हुए। साथ ही मांग की गई कि भविष्य की परीक्षाओं में भी इन मानकों से किसी भी तरह का समझौता न किया जाए।
