केंद्रीय बजट 2026-27: ‘शानदार, दमदार और आम आदमी की सोच वाला’ — डॉ. नरेश बंसल
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को शानदार, दमदार, आम आदमी की सोच वाला और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि आज़ाद भारत में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार को प्रस्तुत हुआ और यह वित्त मंत्री का लगातार नौवां बजट रहा—जिससे वे यह उपलब्धि हासिल करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बनीं।
डॉ. बंसल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सरकार का 15वां बजट है और एनडीए शासन में निरंतर आर्थिक विकास के साथ महंगाई नियंत्रण में रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट का कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष के 50.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने राजकोषीय अनुशासन के अपने वादे को निभाया है—FY26 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.4% रहने का अनुमान है और FY27 में इसे 4.3% तक और घटाने का लक्ष्य है। FY27 के लिए कर्ज-GDP अनुपात 55.6% अनुमानित है, जबकि 16वें वित्त आयोग की 41% हिस्सेदारी की सिफारिश को स्वीकार किया गया है।
डॉ. बंसल के अनुसार, यह बजट गरीब कल्याण के संकल्प के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास को हर घर तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता दोहराता है। पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के लिए विशेष प्रावधान सुनिश्चित करते हैं कि विकास की यात्रा में कोई पीछे न छूटे। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और एक जिला, एक उत्पाद पहल के समन्वय से ग्रामीण स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बजट में उत्तराखंड को वर्ल्ड क्लास ट्रैकिंग के केंद्र के रूप में उभारने की बात कही गई है—दुर्गम मार्गों का अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकास केवल एडवेंचर टूरिज्म नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव भी है। साथ ही, यह बजट देश की बहनों को आर्थिक शक्ति बनाने के लिए समर्पित है।
शिक्षा क्षेत्र में Content Creator Labs का प्रस्ताव, 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल, खेलो इंडिया मिशन, तीन नए आयुर्वेद एम्स, मेडिकल टूरिज्म के लिए पाँच क्षेत्रीय हब, हाई-स्पीड रेल के सात कॉरिडोर, रेयर-अर्थ कॉरिडोर, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब और रोजगार सृजन जैसे कदमों को उन्होंने दूरदर्शी बताया। मौद्रिक स्थिरता पर भी विशेष जोर दिया गया है।
वैश्विक अनिश्चितताओं—भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव, असमान मौद्रिक नीतियाँ और व्यापार विखंडन—के बावजूद भारत की प्रगति को रेखांकित करते हुए डॉ. बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में देश चुनौतियों का समाधान स्वयं कर रहा है।
अंत में, उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने वाले इस विकासोन्मुख बजट के लिए वित्त मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त किया।
