मात्र छह दिन की ट्रेनिंग में चमके सुभाष चंद्र बोस छात्रावास के “50 तारे”
काशीपुर। समाजसेविका श्रीमती उर्वशी दत्त बाली के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मात्र पाँच से छह दिन के प्रशिक्षण के बाद ही सुभाष चंद्र बोस छात्रावास के बच्चों ने खेल प्रतियोगिता में ऐसा प्रदर्शन किया कि सभी देखते रह गए। बच्चों ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए कबड्डी और खो-खो दोनों प्रतियोगिताएं जीत लीं। उन्होंने साबित कर दिया कि अवसर मिलने पर वे किसी से भी पीछे नहीं हैं।
गत दिवस सुभाष चंद्र बोस छात्रावास और टचवुड पब्लिक स्कूल के बीच कबड्डी एवं खो-खो की मैत्रीपूर्ण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में खेल भावना, आत्मविश्वास और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती उर्वशी दत्त बाली रहीं, जिन्होंने छात्रावास के पचास बच्चों को आजीवन गोद ले रखा है और उनके उज्जवल भविष्य के लिए निरंतर कार्यरत हैं। श्रीमती बाली इन “आने वाले 50 तारों” को शिक्षा के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट के लिए भी प्रेरित करती हैं। छात्रावास की प्रिंसिपल श्रीमती ज्योति राणा भी उनके प्रयासों में सतत सहयोग दे रही हैं।ख़ास बात यह रही कि प्रशिक्षक शैलेश कुमार ने बच्चों को एक सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण दिया, जिससे उनके खेल कौशल और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। दूसरी ओर टचवुड स्कूल के श्री अखलाक चौधरी ने बच्चों को खेल का मंच उपलब्ध कराकर सराहनीय पहल की। प्रतियोगिता में श्री फारूक चौधरी, श्रीमती अस्मिता चौधरी, श्रीमती अंकिता चौधरी और कोच सिद्धि रैना सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।इस दौरान बच्चों की मेहनत को देखते हुए श्री मुकेश गोयल ने खिलाड़ियों के लिए ड्रेस उपलब्ध कराई, वहीं श्रीमती नीरू अरोड़ा ने खेल सामग्री प्रदान की। टचवुड स्कूल की ओर से सभी बच्चों को रिफ्रेशमेंट और किताबें दी गईं तथा आगे भी सहयोग का आश्वासन दिया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री कविश सिद्दीकी ने बच्चों से संवाद करते हुए मेहनत, अनुशासन और निरंतरता का संदेश दिया। इसके साथ श्री आरिफ चौधरी ने नाश्ते की व्यवस्था की। कार्यक्रम में श्री वासिफ, श्री शानीब, श्री गुरमीत सिंह, और अन्य सहयोगियों का योगदान प्रशंसनीय रहा।प्रतियोगिता में बच्चों ने न केवल खेल कौशल का प्रदर्शन किया बल्कि आपसी भाईचारे और अनुशासन की मिसाल भी पेश की। कुल मिलाकर, यह आयोजन अत्यंत प्रेरणादायक, सफल और प्रशंसनीय रहा। टचवुड पब्लिक स्कूल ने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।
