पाकिस्तान जाने वाली नदियों के पानी को कैसे रोक सकता है भारत? अब पाकिस्तान के पास क्या रास्ता बचा?
भारत में फिलहाल 5-10% से ज्यादा पानी नहीं रोका जा सकता है। बांध और जलाशय बनाने में समय लगता है। भारत में 5,334 बड़े बांध हैं और लगभग 447 बांध निर्माणाधीन हैं।
- 1/3 बिजली पाकिस्तान पैदा करता है हाइड्रो पावर से
- 93 प्रतिशत पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल करता है पाकिस्तान
तीन युद्ध और बड़े आतंकी हमले झेल गया समझौता
संधि में क्या तय हुआ
संधि में तय किया गया कि पूर्वी क्षेत्र की तीन नदियों रावी, व्यास और सतलज पर भारत का अधिकार होगा, जबकि पश्चिम क्षेत्र की नदियों सिंधु, चिनाब और झेलम का पानी पाकिस्तान को दिया जाएगा लेकिन भारत के पास इन नदियों के पानी से खेती व अन्य इस्तेमाल का अधिकार रहेगा।
सिंधु, चिनाब और झेलम नदियों के कुल 16.80 करोड़ एकड़ फीट पानी में से भारत को 3.30 एकड़ पानी दिया गया, जो कुल पानी का 20 प्रतिशत है। बाकी 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दिया गया समझौते के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक स्थाई आयोग का गठन किया गया, जिसे सिंधु आयोग नाम दिया गया। दोनों तरफ से एक-एक आयुक्त इस समझौते के लिए तैनात किए गए। यही दोनों अपनी-अपनी सरकारों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
निर्माण के लिए नियम
सिंधु जल समझौता प्रभावी होने की सूरत में इन नदियों पर किसी तरह के ढांचे का निर्माण करने के लिए पाकिस्तान की सहमति की जरूरी होगी क्योंकि इससे उसको मिलने वाले पानी की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
ऐसे हुआ विवाद का समाधान
- भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के पानी को लेकर विवाद बढ़ता गया।
- 1949 में अमेरिकी विशेषज्ञ टेनसी वैली अथारिटी के पूर्व प्रमुख डेविड ललियंथल ने विवाद समाप्त करने का प्रयास किया।
- सितंबर 1951 में विश्व बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष यूजीन राबर्ट ने इसमें मध्यस्थता की।
- कई बैठकों के बाद 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि हुई।
- इस समझौते पर भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्तार किए थे। इसके बाद 12 जनवरी 1961 को इस संधि की शर्ते लागू की गई।
.jpg)
पड़ेगा सूखा और अकाल
भारत की तरह पाकिस्तान भी कृषि पर आधारित अर्थव्यवस्था है। लेकिन भारत की तरह पाकिस्तान में कई नदियां नहीं हैं, जिनसे फसलों की सिंचाई हो सके। पाकिस्तान में भूगर्भजल का स्तर पहले से ही बहुत नीचे जा चुका है, ऐसे में सिंधु और उसकी सहायक नदियों का पानी ही पाकिस्तान को सूखे और अकाल से बचाता है। अगर उसे यह पानी नहीं मिलता है तो उसकी अर्थव्यवस्था तबाह हो जाएगी।


hey there and thank you for your info – I’ve certainly picked up
anything new from right here. I did however expertise a few technical issues using this site, since I experienced
to reload the web site many times previous to I could get it to
load correctly. I had been wondering if your web hosting is OK?
Not that I am complaining, but sluggish loading instances times will often affect
your placement in google and can damage your high-quality score if advertising and marketing with Adwords.
Anyway I’m adding this RSS to my e-mail and could look
out for a lot more of your respective interesting content.
Ensure that you update this again soon. xnxx