Uttarakhand

गैरसैंण विधानसभा सत्र में हंगामा: उमेश कुमार ने सौंपा इस्तीफा, जन निर्माण पार्टी के टिकट पर लड़ेंगे चुनाव

कांग्रेस विधायकों ने काले कपड़े लहराकर किया विरोध, भ्रष्टाचार के आरोपों पर चर्चा की मांग; हंगामे के बीच ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट और सभी 10 विधेयक पारित

देहरादून/भराड़ीसैंण, 28 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में विधानसभा का दो दिवसीय सत्र बुधवार को राजनीतिक टकराव और भारी हंगामे के बीच समाप्त हो गया। सत्र के दूसरे दिन खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण को अपना इस्तीफा सौंपकर प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। वहीं, कांग्रेस विधायकों ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े कथित संपत्ति मामले में चर्चा की मांग को लेकर काले कपड़े लहराए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

हंगामे के बीच सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट और सभी 10 विधेयक पारित करा दिए। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई और दोपहर 1:06 बजे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

विपक्ष से नाराजगी जताकर उमेश कुमार ने सौंपा इस्तीफा

खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में उन्होंने विपक्ष के मुद्दों पर उसका साथ दिया, लेकिन किसानों, हरिद्वार, आपदा और बिजली बिलों में राहत जैसे जनहित के मामलों में उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

उमेश कुमार ने किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की आरसी काटे जाने, किसान क्रेडिट कार्ड के ब्याज में राहत नहीं मिलने और बिजली बिलों के बकाये के कारण कनेक्शन काटे जाने जैसे मुद्दों पर विपक्ष को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए थी।

उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में जन निर्माण पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की घोषणा भी की। उनका कहना है कि वह अधिक से अधिक विधायकों को जिताकर विधानसभा में पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों में शामिल होने की संभावना से इनकार किया।

हालांकि, इस्तीफा सौंपे जाने के बाद उस पर विधानसभा अध्यक्ष का अंतिम निर्णय होना बाकी है।

रेखा आर्य से जुड़े कथित संपत्ति मामले पर कांग्रेस का प्रदर्शन

सदन में कांग्रेस विधायकों ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़ी कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति के मामले में नियम 310 के तहत चर्चा कराने की मांग उठाई। विपक्ष का आरोप था कि सरकार भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर सवालों पर चर्चा से बच रही है।

विरोध दर्ज कराने के लिए कांग्रेस विधायकों ने काले कपड़े लहराए, सदन के वेल में पहुंचकर नारेबाजी की और कागज भी फेंके। इस दौरान सरकार के खिलाफ कई नारे लगाए गए। विधायकों ने अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी आवाज उठाई।

हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने और भाषा की मर्यादा का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने आपत्तिजनक नारेबाजी पर भी नाराजगी जताते हुए सदस्यों से अनुशासन बनाए रखने को कहा।

तिलकराज बेहड़ ने सत्र की अवधि पर उठाए सवाल

कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने गैरसैंण में आयोजित सत्र की अवधि को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि विधानसभा सत्र कम से कम चार से पांच दिन चलना चाहिए था, ताकि विकास, जनहित, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। बेहड़ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपने ऊपर हुए कथित हमले का मामला भी सदन में उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

उनका कहना था कि इतने कम समय में जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।

₹7,844.18 करोड़ के अनुपूरक बजट को मंजूरी

विपक्ष के विरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट को सदन की मंजूरी मिल गई।

अनुपूरक बजट में ₹3,679.86 करोड़ राजस्व मद और ₹4,164.32 करोड़ पूंजीगत मद के लिए प्रस्तावित किए गए हैं। इसके बाद राज्य के बजट का कुल आकार बढ़कर ₹1,19,547.39 करोड़ हो गया।

सदन में ग्रामीण विकास, ऊर्जा, जलापूर्ति, आवास और नगर निकायों सहित विभिन्न विभागों की अनुपूरक अनुदान मांगों को भी मंजूरी दी गई। हंगामे के दौरान विपक्षी सदस्यों ने मेडिकल कॉलेजों में कथित भ्रष्टाचार और उत्तराखंड के अधिकारों से जुड़े विषय भी उठाए।

सभी 10 विधेयक पारित, दो घंटे में समाप्त हुई कार्यवाही

सदन में विरोध और नारेबाजी के बीच विधायी कार्यवाही पूरी की गई। अनुपूरक बजट के साथ सभी 10 विधेयक पारित कर दिए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को प्राप्त 17 सूचनाओं का उल्लेख किया।

इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने दोपहर 1:06 बजे सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा कर दी।

चुनाव से पहले उत्तराखंड की राजनीति में नया घटनाक्रम

गैरसैंण विधानसभा सत्र का समापन एक ओर बजट और विधायी कार्यवाही पूरी होने के साथ हुआ, तो दूसरी ओर विपक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोपों पर चर्चा नहीं होने का आरोप लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इसी बीच उमेश कुमार का इस्तीफा और जन निर्माण पार्टी के टिकट पर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान प्रदेश की राजनीति में एक नया घटनाक्रम बनकर सामने आया है।