गंगा की पवित्रता से समझौता नहीं: चन्द्रेश्वर नाले पर डीएम का सख्त एक्शन, 25 घरों के ड्रेन्स सीज
देहरादून/ऋषिकेश, 28 जनवरी 2026 (सू.वि.)
ऋषिकेश स्थित चन्द्रेश्वर नाले से बिना उपचारित गंदा पानी एवं ठोस कचरे के गंगा नदी में प्रवाह की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शोधन के बिना गंगा में एक बूंद भी नहीं जाएगी—वरिष्ठ प्रतिष्ठान हों या आवासीय भवन, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई तय है।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने नाले में दूषित जल प्रवाहित कर रहे 25 घरों के पाइप-ड्रेन्स तत्काल सीज करने के निर्देश दिए। साथ ही गली-मोहल्लों में पैदल निरीक्षण कर तीन दिवस के भीतर नालियों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने के आदेश दिए गए।

07 विभाग एक मंच पर, कार्ययोजना सार्वजनिक होगी
मा0 मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में डीएम ने नगर निगम, पेयजल निगम, जल संस्थान, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग सहित 07 विभागों को आपसी समन्वय से विस्तृत रिपोर्ट और कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा। रिपोर्ट आम जनता के साथ साझा की जाएगी।

एसटीपी क्षमता बढ़ाने पर जोर
डीएम ने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता वृद्धि हेतु शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने अवगत कराया कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत ढालवाला-मुनिकीरेती योजना में 7.50 एमएलडी क्षमता का बहुमंजिला एसटीपी (देश का अपनी तरह का प्रथम) अक्टूबर 2020 से अनुरक्षणाधीन है। यह श्मशान घाट नाला, चन्द्रेश्वर नगर नाला और ढालवाला नाले के सीवेज का उपचार करता है; वर्षा ऋतु में ढालवाला नाले का प्रवाह क्षमता से अधिक हो जाता है।

सर्वे और सैंपलिंग जारी
ढालवाला नाले के दोनों ओर ड्रोन सर्वे और परिवारों का सर्वेक्षण चल रहा है। प्रारंभिक तौर पर 502 परिवार चिन्हित हुए हैं—38 का सीवर सीधे नाले में और 84 का ग्रे-वाटर नाले में जा रहा पाया गया। नमूनों की जांच एनएबीएल प्रमाणित प्रयोगशाला से कराई जा रही है।
निरीक्षण में उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगेश मेहरा, नगर आयुक्त राम कुमार बिनवाल, सीओ पुलिस पूर्णिमा गर्ग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

संदेश साफ है: गंगा की स्वच्छता सर्वोपरि है—उपचार के बाद ही प्रवाह, वरना कार्रवाई
