Uttarakhand

महिलाओं की बढ़ती हत्याओं के विरोध में UKD का उग्र प्रदर्शन, SSP कार्यालय का घेराव

डीजीपी उत्तराखंड को सौंपा गया ज्ञापन, लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

देहरादून।
आज महानगर अध्यक्ष प्रवीण रमोला एवं केंद्रीय महामंत्री किरन रावत एडवोकेट के नेतृत्व में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल ने देवभूमि उत्तराखंड में लगातार बढ़ते अपराधों, दिन-दहाड़े हो रही हत्याओं एवं महिलाओं की नृशंस हत्याओं के विरोध में SSP कार्यालय देहरादून का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा बैरिकेटिंग लगाकर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, जिस पर पुलिस एवं कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोंक-झोंक हुई। इसके पश्चात सीओ सिटी के माध्यम से डीजीपी उत्तराखंड पुलिस को ज्ञापन सौंपा गया।
उत्तराखंड की कानून व्यवस्था कटघरे में” – प्रवीण रमोला
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रवीण रमोला ने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही जघन्य हत्याओं ने उत्तराखंड की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हालिया घटनाएं पुलिस प्रशासन की गंभीर विफलता को उजागर करती हैं।


उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में प्रीति रावत की गोली मारकर हत्या तथा गुंजन की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई, जबकि दोनों बहनों ने पहले ही पुलिस को अपनी जान को खतरा होने की सूचना दी थी। इसके बावजूद समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो पुलिस की लापरवाही और संवेदनहीनता को दर्शाता है।
अपराधियों के हौसले बुलंद” – किरन रावत
केंद्रीय महामंत्री किरन रावत एडवोकेट ने कहा कि विकासनगर में 12वीं कक्षा की छात्रा की नृशंस हत्या ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में अपराधियों को पुलिस का कोई भय नहीं रहा। आम जनता, विशेषकर महिलाएं, खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और अभिभावक अपनी बेटियों को घर से बाहर भेजने से डर रहे हैं। यदि समय पर शिकायतों पर गंभीर कार्रवाई होती, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
उत्तराखण्ड क्रान्ति दल ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि—
सभी हत्याकांडों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
लापरवाह पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शन में ये रहे उपस्थित
प्रदर्शन में पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें पूर्व केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज ब्यास,पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय, केंद्रीय महामंत्री विजय बौढ़ाई,
राजेंद्र बिष्ट, राजेश्वरी रावत, केंद्रीय सचिव सौम्या चौधारी, केंद्रीय महिला उपाध्यक्ष संगीता बहुगुणा,
महानगर महामंत्री राजीव नौटियाल, निशिथ मनराल, अंकेश भंडारी, जितेंद्र पंवार, अनूप बिष्ट, भोला चमोली, कपिल कुमार, संतोष नौटियाल, रीता देवी, सुचिता उनियाल, शोभा रावत, वंदना रावत, रश्मि श्रेष्ठ, पवन बिजलवाड़ सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अंत में उत्तराखण्ड क्रान्ति दल ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई, तो पार्टी राज्यव्यापी जनआंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं पुलिस प्रशासन की होगी।

Uma Shankar Kukreti