देहरादून

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास लाए रंग, मेरठ और ऋषिकेश के बीच हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन का सर्वे जल्द*

 

*कुल 150 किलोमीटर ट्रैक की डीपीआर पर उत्तराखंड, यूपी और एनसीआरटीसी के बीच बनी सहमति*

मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश के पास लक्ष्मणझूला तक हाई स्पीड नमो भारत ट्रेन (आरआरटीएस) का सपना सच होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से, उत्तराखंड, यूपी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के बीच आरआरटीएस ट्रेन के मौजूदा नेटवर्क को मेरठ से ऋषिकेश तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना की डीपीआर के लिए जल्द सर्वे होने जा रहा है।
इसी वर्ष फरवरी माह में दिल्ली से मेरठ के मोदीपुरम तक हाईस्पीड नमो भारत ट्रेन का संचालन शुरु हो चुका है। इस हाईस्पीड ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश तक विस्तार देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रयासरत रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पिछले दिनों प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर प्रस्ताव भी सौंपा था। इसके बाद इस ट्रेन को मोदीपुरम से ऋषिकेश में लक्ष्मणझूला तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। परियोजना को गति देने के लिए उत्तराखंड सरकार अपर सचिव रीना जोशी को नोडल अधिकारी नियुक्त कर चुकी है, इसी तरह एनसीआरटीसी ने अपना नोडल नियुक्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी परियोजना पर सहमति दे चुकी है। इसके बाद अब कुल 150 किलोमीटर प्रस्तावित ट्रैक की डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे शुरु होने जा रहा है।

*हर की पैड़ी से गुजरेगी ट्रेन*
प्रस्तावित परियोजना के मुताबिक मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से नया ट्रैक शुरु होगा, जो मुजफ्फरनगर होते हुए, उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करेगा। इसके बाद ये ट्रैक रुड़की, हरिद्वार में हर की पैड़ी होते हुए, ऋषिकेश के अंतिम छोर लक्ष्मणझूला तक पहुंचेगा। इसका 72 किमी का हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 78 किमी का हिस्सा उत्तराखंड में आएगा। इससे उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों सहित दिल्ली जाने वाले उत्तराखंड के लोगों का भी नया आधुनिक ट्रांसपोर्ट विकल्प मिल पाएगा। वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश जाने में सड़क मार्ग से करीब पांच से छह घंटे का समय लगता है। नमो भारत ट्रेन (160 किमी/प्रति घंटे की रफ्तार) के शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ ढाई से तीन घंटे में पूरा हो जाएगा।

*मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन सेवा का विस्तार उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को तेज, सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और एनसीआरटीसी के साथ लगातार समन्वय कर रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड में बेहतर रेल और परिवहन अवसंरचना के माध्यम से विकास तथा रोजगार के नए अवसर सृजित हों।*
*पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड*

यह परियोजना उत्तराखण्ड के लिए परिवहन और पर्यटन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि यह प्रस्ताव धरातल पर उतरता है, तो दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखण्ड के बीच आवागमन में बड़ा बदलाव आ सकता है। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
प्रमुख बातें
दिल्ली से मेरठ तक पहले से संचालित हाई स्पीड नमो भारत (RRTS) सेवा को अब मेरठ के मोदीपुरम से ऋषिकेश तक बढ़ाने की तैयारी।
कुल प्रस्तावित ट्रैक लगभग 150 किलोमीटर लंबा होगा।
इसमें लगभग 72 किमी उत्तर प्रदेश और 78 किमी उत्तराखण्ड में होगा।
प्रस्तावित मार्ग: मोदीपुरम – मुजफ्फरनगर – रुड़की – हरिद्वार – ऋषिकेश – लक्ष्मणझूला।
परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने के लिए जल्द सर्वे शुरू होगा।
उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश और एनसीआरटीसी के बीच प्रारंभिक सहमति बन चुकी है।
संभावित लाभ
✅ दिल्ली से ऋषिकेश की यात्रा का समय लगभग 5-6 घंटे से घटकर 2.5-3 घंटे रह सकता है।
✅ तीर्थयात्रियों को हरिद्वार और ऋषिकेश तक तेज और आरामदायक यात्रा सुविधा मिलेगी।
✅ पर्यटन, व्यापार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
✅ सड़क यातायात का दबाव और प्रदूषण कम हो सकता है।
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल परियोजना डीपीआर और सर्वेक्षण चरण में है। अंतिम स्वीकृति, वित्तीय मंजूरी और निर्माण के बाद ही वास्तविक कार्य शुरू होगा। इसलिए इसे अभी एक प्रस्तावित परियोजना माना जाएगा, न कि स्वीकृत या निर्माणाधीन परियोजना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि यह परियोजना राज्य की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी और पर्यटन व रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। वहीं, इस विस्तार के लिए मुख्यमंत्री ने नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी प्रस्ताव पर चर्चा की थी।
यदि यह परियोजना पूरी होती है, तो उत्तराखण्ड में पहली बार हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल नेटवर्क की शुरुआत होगी, जो राज्य के परिवहन इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

Uma Shankar Kukreti