कांवड़ मेला 2026: अभेद्य सुरक्षा घेरे में रहेगी यात्रा, डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश
ATS, STF, BDS, SDRF और साइबर कमांडो 24×7 रहेंगे तैनात, ड्रोन व CCTV से होगी निगरानी।
देहरादून, 15 जुलाई। आगामी श्रावण कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांवड़ यात्रा से जुड़े जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।

डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ियों की सुरक्षा, सुगम यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उत्तराखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय रहते तैयारियां पूरी करने और उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के साथ बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में तय किया गया कि कांवड़ यात्रा मार्गों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, स्नान घाटों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ATS, STF, BDS, अभिसूचना इकाइयों, SDRF और रैपिड रिस्पॉन्स टीम की 24 घंटे तैनाती रहेगी। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और CCTV कैमरों के माध्यम से की जाएगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग, वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग, होल्डिंग एरिया और डायवर्जन की जानकारी उत्तराखंड के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी सोशल मीडिया, फ्लैक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा की जाएगी।
रेलवे स्टेशन, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में भीड़ नियंत्रण के लिए कांवड़ मेला क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में विभाजित कर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए साइबर कमांडो की विशेष टीम हरिद्वार में कैंप करेगी, जो सोशल मीडिया और साइबर स्पेस पर 24×7 निगरानी रखेगी तथा किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री पर तत्काल कार्रवाई करेगी।
डीजीपी ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, जबकि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित करने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ तत्काल और कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, एसटीएफ, एसडीआरएफ, यातायात, फायर सर्विस, अभिसूचना तथा संबंधित जनपदों के पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
