देहरादून

“हरेला महोत्सव में प्रकृति संरक्षण का संदेश”

 

  • हरेला महोत्सव में गूंजा हरियाली का संदेश
  • सीएम धामी के पांच वर्ष, हरेला महोत्सव भव्य
  • हरेला महोत्सव में सम्मानित हुईं प्रतिभाएं
  • हरेला महोत्सव: संस्कृति और पर्यावरण का संगम
  • हरेला महोत्सव में हरियाली का संकल्प
  • हरेला महोत्सव: प्रकृति और संस्कृति का उत्सव
  • हरेला महोत्सव में वृक्षारोपण का संकल्प

मुख्यमंत्री धामी के पांच वर्ष पूरे होने पर हरेला हरियाली महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन, प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत का दिया संदेश

देहरादून, 15 जुलाई। उत्तराखंड संस्कृत‍ि, साहित्य एवं कला परिषद तथा संस्कृति विभाग, उत्तराखंड शासन के तत्वावधान में संस्कृति विभाग प्रेक्षागृह, देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में “सेवा, संकल्प, विकास—रथगामी जनता का विश्वास” थीम पर हरेला हरियाली महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया गया।


कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, लोक संस्कृति के संवर्धन तथा सतत विकास के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं उत्तराखंड की पारंपरिक वाद्य ध्वनियों के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पद्म भूषण एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल तथा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, भाजपा महामंत्री दीप्ति रावत, राज्यमंत्री भुवन विक्रम डबराल, राज्यमंत्री नैनवाल एवं राज्यमंत्री अभिषेक शाही शामिल रहे, जिनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।


इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी का विषय “हरेला : प्रकृति, संस्कृति और सतत विकास का लोकपर्व” रहा। वक्ताओं ने हरेला पर्व की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रकृति संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं पिछले पांच वर्षों की विकास यात्रा को भी प्रस्तुत किया गया। विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने लोकगीत, लोकनृत्य एवं पर्यावरण संरक्षण पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों को वृक्षारोपण एवं पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया।
इस दौरान शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, कला, समाज सेवा एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कई गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, श्रीमती नमिता (प्राचार्या, बी.एस. नेगी प्रशिक्षण संस्थान), प्रो. सुरेखा डंगवाल, अनिल कुमार (राष्ट्रपति भवन), अशोक कुमार, अशोक कुमार सिंह चौहान तथा मंजीत कुमार प्रमुख रहे।
कार्यक्रम के समापन पर उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती मधु भट्ट ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी प्रकृति संरक्षण एवं सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन के लिए जनसहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन साधना शर्मा एवं अर्चना डिमरी ने किया।

Uma Shankar Kukreti