Entertainmentदेहरादून

जौनसार-बावर की पारिवारिक संस्कृति पर बनेगी हिंदी फिल्म, चकराता और लाखामंडल में होगी शूटिंग

जौनसार-बावर की पारिवारिक संस्कृति पर बनेगी हिंदी फिल्म, चकराता और लाखामंडल में होगी शूटिं

सोनावाला फिल्म्स प्रोडक्शन मुंबई की पहल, स्थानीय कलाकारों को भी मिलेगा अभिनय का अवसर; देहरादून में प्रेस वार्ता कर दी गई जानकारी

देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक परंपराओं और पहाड़ी जीवन को हिंदी सिनेमा के पर्दे पर उतारने की दिशा में एक पहल की जा रही है। मुंबई की सोनावाला फिल्म्स प्रोडक्शन द्वारा उत्तराखंड के जौनसार-बावर, चकराता और लाखामंडल क्षेत्र की पृष्ठभूमि पर एक हिंदी फिल्म का निर्माण किया जा रहा है। फिल्म की जानकारी देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से साझा की गई।

प्रोडक्शन टीम की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फिल्म का नाम ‘पारिवारिक’ रखा गया है। फिल्म की कहानी मुख्य रूप से पहाड़ों की पारिवारिक पृष्ठभूमि पर आधारित होगी। इसमें स्थानीय जीवन, पारिवारिक रिश्तों और क्षेत्रीय परिवेश को प्रमुखता से प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।

शम्भू पुरोहित हैं लेखक, निर्देशक और निर्माता

फिल्म के लेखक, निर्देशक एवं निर्माता शम्भू पुरोहित हैं। फिल्म में उत्तराखंड के स्थानीय कलाकारों के साथ मुंबई के कलाकारों को भी शामिल किया जाएगा। फिल्म की तकनीकी टीम मुंबई से होगी। इस पहल से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने की उम्मीद है।

पहाड़ की संस्कृति को मिलेगा हिंदी सिनेमा में स्थान

जौनसार-बावर और चकराता क्षेत्र अपनी विशिष्ट लोकसंस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों, पारिवारिक मूल्यों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। वहीं, लाखामंडल अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे में इन क्षेत्रों की पृष्ठभूमि पर बनने वाली फिल्म के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की संभावना है।

फिल्म निर्माण से क्षेत्र में स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ उत्तराखंड के पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को भी बढ़ावा मिल सकता है।

स्थानीय कलाकारों के लिए अवसर

फिल्म में स्थानीय और मुंबई के कलाकारों को शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, कलाकारों के चयन, ऑडिशन की तारीख और शूटिंग के विस्तृत कार्यक्रम के संबंध में अभी अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

सोनावाला फिल्म्स प्रोडक्शन की इस पहल से उम्मीद है कि उत्तराखंड की पारिवारिक परंपराओं और पहाड़ी जीवन को बड़े पर्दे पर नई पहचान मिलेगी।

सोनावाला फिल्म्स प्रोडक्शन टीम की ओर से जारी जानकारी के आधार पर।