देहरादून

देहरादून में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर एमडीडीए की कार्रवाई, चार स्थानों पर चला अभियान

 

धर्मपुर और कॉवली में बहुमंजिला निर्माण सील, सेलाकुई में 20 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त

देहरादून, 17 अक्टूबर 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को चार स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान धर्मपुर और कॉवली में अवैध बहुमंजिला निर्माणों को सील किया गया, जबकि सेलाकुई क्षेत्र में लगभग 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया।

प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना तथा बिना आवश्यक स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण और भूखंडों के अनधिकृत विकास पर रोक लगाना है।

धर्मपुर और कॉवली में अवैध निर्माण सील

एमडीडीए की टीम ने धर्मपुर स्थित प्रगति विहार की लेन नंबर छह में उपेन्द्र अग्रवाल द्वारा किए गए अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया।

वहीं, मानसरोवर कॉलोनी, कॉवली में कैलाश, सतीश और हरीश डोभियाल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को भी प्राधिकरण की टीम ने सील किया। एमडीडीए के अनुसार, भवन निर्माण के दौरान स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सेलाकुई में 20 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर

अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण की टीम ने न्यू हाईवे, शिमला बाईपास क्षेत्र के कल्याणपुर, सेलाकुई में देवेंद्र रावत एवं अन्य द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया।

इसके अतिरिक्त न्यू हाईवे, सेलाकुई में नवाज अली और भू-स्वामी द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस प्रकार दोनों स्थानों पर कुल लगभग 20 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान क्षेत्रीय सहायक अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहे।

नियोजित विकास को लेकर एमडीडीए सख्त

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नियोजित विकास और बेहतर शहरी व्यवस्था के विजन के अनुरूप प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित नियमों के तहत किए जाएं।

उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति निर्माण करने और अवैध प्लॉटिंग के माध्यम से नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का उद्देश्य कार्रवाई के साथ-साथ देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना भी है।

शिकायतों और निरीक्षण के आधार पर कार्रवाई

एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शिकायतों और स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। धर्मपुर, कॉवली और सेलाकुई में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।

उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण या भूखंड विकसित करने से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। वहीं, भूमि खरीदने वाले लोग भी संबंधित भूखंड की वैधानिक स्थिति और जरूरी स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।