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पलायन रोकथाम की ओर अनूठी पहल : बाल भारती स्कूल कोटद्वार के छात्रों का दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम

रिपोर्ट :उमाशंकर कुकरेती

खोबरा गांव में होमस्टे परियोजना से ग्रामीण पर्यटन और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

पौड़ी गढ़वाल || यमकेश्वर विधानसभा के अंतर्गत पट्टी मल्ला उदयपुर क्षेत्र में उत्तराखंड स्थापना दिवस की रजत जयंती के अवसर पर ग्रामीण पर्यटन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रेरक पहल की गई। बाल भारती स्कूल कोटद्वार के संस्थापक श्री गिरिराज सिंह रावत एवं बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री हेमन्त द्विवेदी के पैतृक गांव में छात्रों का दो दिवसीय शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम खोबरा गांव में आयोजित हुआ, जहाँ इस गांव युवा श्री रविन्द्र द्विवेदी द्वारा उत्तराखंड सरकार की होम स्टे योजना के अंतर्गत एक पहाड़ी संस्कृति पर आधारित होमस्टे विकसित किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य है – पलायन को रोकना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती हिमानी रावत, शिक्षक रविंद्र भारद्वाज, सतीश मौर्य, तथा शिक्षिकाएं श्रीमती रीना भट्ट, रश्मि पोखरियाल, एकता नौटियाल सहित बाल भारती स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

श्री रविन्द्र द्विवेदी ने बताया कि “हमारा गांव कोटद्वार व ऋषिकेश दोनो तरफ से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर ऊँचाई पर स्थित है, जहाँ से सुदूर हिमालय के अद्भुत दृश्य और हरिद्वार तक का मनोरम नज़ारा देखा जा सकता है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव होगा, बल्कि उन्हें गढ़वाली संस्कृति, पारंपरिक खानपान और लोककला से भी परिचित कराया जाएगा।”

 

उन्होंने आगे बताया कि यमकेश्वर महादेव, महाबगढ़ महादेव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांव पंचुर, तथा इस क्षेत्र का प्रसिद्ध श्याम सुंदरी मंदिर देवीडांडा — ये सभी स्थान पास ही स्थित हैं, जो इस क्षेत्र को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध बनाते हैं। इन दर्शनीय स्थलों की निकटता से यह इलाका ग्रामीण एवं धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बन सकता है।

स्थानीय जनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल बच्चों में अपने गांव-प्रदेश के प्रति लगाव बढ़ेगा, बल्कि पलायन पर रोक लगेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

Uma Shankar Kukreti