डॉ. रोली सेठ, डॉ. लतिका चावला तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. गीता जैन, जो स्वयं भी एक मास्टर ट्रेनर हैं, ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य में परिवार नियोजन सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक गर्भनिरोधक विधियों के बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि महिलाओं को सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से चिकित्सकों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी और राज्य में मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
यह कार्यशाला उत्तराखंड में महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और परिवार नियोजन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
