हरिद्वार में FSSAI द्वारा स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला आयोजित
- हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के 500 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को FoSTaC के तहत स्वच्छता, हाइजीन और सुरक्षित खाद्य संचालन का प्रशिक्षण
- कुंभ मेला 2025 की तैयारी को मजबूती—FSSAI और FDA उत्तराखंड का संयुक्त प्रयास स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता सुधार की दिशा में बड़ा कदम
- Eat Right India अभियान के तहत स्ट्रीट फूड वेंडर्स को बनाया जा रहा स्वच्छता एम्बेसडर, 3,000 वेंडर्स को दिया जाएगा प्रशिक्षण
- स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने को लेकर वेंडर्स ने ली शपथ; FSSAI ने दिए ऑन-द-स्पॉट FoSTaC प्रमाणपत्र
- हरिद्वार में बड़े पैमाने पर आयोजित प्रशिक्षण में उत्साहजनक भागीदारी; स्ट्रीट फूड व्यवसाय को मिलेगा स्वच्छता एवं सुरक्षा का नया मानक
दिनांक : 28 नवम्बर, 2025
हरिद्वार।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), उत्तर क्षेत्र कार्यालय, गाजियाबाद द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड के सहयोग से आज ऋषिकुल परिसर के सभागार में स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम FoSTaC (Food Safety Training & Certification) पहल के अंतर्गत आयोजित हुआ, जिसमें हरिद्वार शहर तथा आसपास के क्षेत्रों से लगभग 500 स्ट्रीट फूड वेंडर्स ने भाग लिया।

उत्तराखंड में 3,000 वेंडर्स को प्रशिक्षण का लक्ष्य
FSSAI द्वारा उत्तराखंड के तीन संसदीय क्षेत्रों—गढ़वाल, हरिद्वार एवं नैनीताल-ऊधमसिंहनगर—में कुल 3,000 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और हाइजीन पर प्रशिक्षित किया जाना है। इसी क्रम में प्रथम चरण के रूप में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के 500 वेंडर्स को प्रशिक्षित किया गया। आगामी कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए यह प्रशिक्षण विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत एवं स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई।
संयुक्त निदेशक, FSSAI श्री अंकेश्वर मिश्रा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए Eat Right India पहल तथा FoSTaC प्रशिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि त्रिवेंद्र सिंह रावत का संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, हरिद्वार के सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि—
- “यह सोच माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की है। कौशल विकास मंत्रालय भी ऐसे कार्यक्रम लगातार संचालित कर रहा है।”
- “फूड वेंडर्स देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
- “आप उन लोगों को सस्ता, स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराते हैं जो बड़े होटलों में नहीं जा पाते।”
उन्होंने देव भोग प्रसाद का उदाहरण देते हुए स्वच्छता के मानकों पर खाद्य तैयारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
मुख्य अतिथि ने सभी उपस्थित वेंडर्स को स्वच्छ, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की शपथ भी दिलाई तथा 5 वेंडर्स को ऑन-द-स्पॉट FoSTaC प्रमाणपत्र प्रदान किए।
इस अवसर पर Lions Club हरिद्वार के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथियों के उद्बोधन
- श्री मदन कौशिक, विधायक, हरिद्वार—“कुंभ मेले को देखते हुए यह प्रशिक्षण अत्यंत जरूरी है।”
- श्री श्यामबीर सिंह, दर्जाधारी राज्यमंत्री—“स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना पुण्य का कार्य है। यह प्रशिक्षण बहुत लाभकारी है।”
- श्री संजय चोपड़ा, अध्यक्ष, स्ट्रीट फूड वेंडर्स एसोसिएशन—“यह प्रशिक्षण स्ट्रीट वेंडर्स के लिए सार्थक प्रयास है।”
व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र
प्रशिक्षक सुश्री प्रीथा त्रिपाठी और श्री विनय कुमार स्टिफन द्वारा वेंडर्स को निम्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया—
- सुरक्षित खाद्य संचालन
- व्यक्तिगत स्वच्छता
- पानी एवं बर्तन स्वच्छता
- अपशिष्ट प्रबंधन
- कार्यक्षेत्र की सफाई
- उपभोक्ता सुरक्षा
- तुरंत लागू किए जा सकने वाले हाइजीन अभ्यास
समापन एवं धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के समापन पर उप आयुक्त, FDA उत्तराखंड श्री गणेश कंडवाल ने सभी अतिथियों एवं वेंडर्स का धन्यवाद किया।
उन्होंने वेंडर्स से आग्रह किया कि—
“प्रशिक्षण में सीखे गए मानकों को नियमित रूप से अपनाएँ और हरिद्वार में स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने में योगदान दें।”
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम FSSAI की Eat Right India गतिविधियों को उत्तराखंड में गति देता है और “सभी के लिए सुरक्षित खाद्य” की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

उपस्थित अधिकारीगण
FSSAI से—
सुश्री निमांशी (प्रबंधक),
श्री पुनीत गुप्ता (सहायक निदेशक),
श्री रोहन कुमार ढाका (CFSO),
श्री ललित (तकनीकी अधिकारी),
श्री इफ्तेखार आलम (सहायक)।
FDA उत्तराखंड से—
डॉ. आर. के. सिंह (संयुक्त आयुक्त, खाद्य सुरक्षा),
श्री महिमानंद जोशी (अभिहित अधिकारी, हरिद्वार),
श्री दिलीप जैन (वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी),
श्री कैलाश टम्टा (खाद्य सुरक्षा अधिकारी, हरिद्वार),
श्री योगेंद्र पांडे (खाद्य सुरक्षा अधिकारी, रुड़की),
श्री पवन (खाद्य सुरक्षा अधिकारी, भगवानपुर)।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुराग गुप्ता, सहायक प्रबंधक, FSSAI ने किया।
