ग्राम पंचायत चामनी ने दिखाई नई राह, सामाजिक आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध
“शराब नहीं संस्कार” मुहिम को मिला मजबूत जनसमर्थन
चम्बा/टिहरी गढ़वाल, 3 जून।
उत्तराखंड के गांवों में सामाजिक सुधार की दिशा में एक और सकारात्मक पहल सामने आई है। विकासखंड चम्बा की ग्राम पंचायत चामनी ने सामाजिक आयोजनों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
ग्राम प्रधान सरोजनी देवी की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से तय किया कि अब गांव में शादी-विवाह, मुंडन संस्कार, धार्मिक कार्यक्रमों एवं अन्य सामाजिक आयोजनों में शराब का सेवन और परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर अभद्र व्यवहार करने वालों के खिलाफ सामाजिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने माना कि शराब की बढ़ती प्रवृत्ति से समाज और परिवारों में तनाव, विवाद और सामाजिक विकृतियां बढ़ रही हैं। आने वाली पीढ़ी को बेहतर संस्कार और स्वस्थ वातावरण देने के उद्देश्य से यह कठोर लेकिन आवश्यक फैसला लिया गया।
इस अवसर पर गांव में सामाजिक जागरूकता और सुधार कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए “ग्राम समाज सुधार समिति” का गठन भी किया गया। समिति में बबीता देवी को अध्यक्ष, राजमती देवी को उपाध्यक्ष, गीता देवी को सचिव, मंजू देवी को सहसचिव तथा सूर्यप्रकाश कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं रुचि देवी, नम्रता देवी, सुमित्रा देवी, जयपाल सिंह, आरती देवी और मनमोहन सिंह को सदस्य तथा ग्राम प्रधान सरोजनी देवी को संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
ग्राम प्रधान सरोजनी देवी ने कहा कि ग्राम पंचायत चामनी स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सामाजिक आयोजनों को शराबमुक्त बनाने से गांव में सकारात्मक वातावरण तैयार होगा और नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार मिलेंगे।
“शराब नहीं संस्कार” मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने ग्राम पंचायत चामनी के इस फैसले को उत्तराखंड में सामाजिक जागरूकता की मजबूत पहल बताते हुए कहा कि प्रदेश के कई गांव अब सामाजिक आयोजनों से शराब को दूर करने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने इसे समाज सुधार की दिशा में अनुकरणीय कदम बताया।
ग्राम समाज सुधार समिति की अध्यक्ष बबीता देवी ने कहा कि समिति गांव में नशामुक्त वातावरण तैयार करने, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए लगातार कार्य करेगी।
बैठक के अंत में सभी ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से “शराब नहीं संस्कार” मुहिम को सफल बनाने तथा गांव को नशामुक्त और संस्कारित बनाने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि यह निर्णय सामाजिक समरसता, पारिवारिक सुख-शांति और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर रवीश चमोली और लक्ष्मी बहुगुणा सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।

