दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही से युवक की मौत पर उठे सवाल, परिवार को 1 करोड़ मुआवजा और नौकरी देने की मांग
साभार- सुनील नेगी वरिष्ठ पत्रकार
नई दिल्ली/पौड़ी गढ़वाल:
जनकपुरी स्थित दिल्ली जल बोर्ड के सात मीटर गहरे गड्ढे में गिरने से 25 वर्षीय कमल ध्यानी की दर्दनाक मौत की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मृतक के परिवार को दिल्ली सरकार की ओर से मात्र 10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने पर अब सवाल उठने लगे हैं और इसे अपर्याप्त बताते हुए अधिक सहायता की मांग की जा रही है।
कमल ध्यानी मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के निवासी थे और दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में एचडीएफसी बैंक में टेलीकॉलर के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि वह रात के समय बाइक से घर लौट रहे थे। घर पहुंचने से पहले उन्होंने अपने भाई को फोन कर कहा था कि वह करीब 20 मिनट में पहुंच जाएंगे, लेकिन तय समय में घर नहीं पहुंचे।
परिजनों ने कई बार फोन मिलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। गहन खोजबीन के बाद कमल ध्यानी का शव जनकपुरी स्थित दिल्ली जल बोर्ड के लगभग सात मीटर गहरे गड्ढे में मिला, जहां उनकी बाइक भी पड़ी हुई थी। घटना के समय उन्होंने हेलमेट, दस्ताने और जैकेट पहन रखी थी।
इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार ने अपने युवा बेटे को जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दौर में खो दिया।
मामले को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व में कोविड-19 महामारी के दौरान ड्यूटी पर जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों समेत अन्य मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वयं परिवारों से मिलकर सहायता प्रदान करते थे।
ऐसे में अब मांग उठ रही है कि दिल्ली जल बोर्ड और सरकार इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मृतक के परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए। भाजपा नेतृत्व वाली वर्तमान दिल्ली सरकार और संबंधित विभाग से यह अपेक्षा जताई जा रही है कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, क्योंकि घटना कथित रूप से सरकारी विभागों, ठेकेदारों और इंजीनियरों की लापरवाही का परिणाम बताई जा रही है।
कमल ध्यानी एक मेहनती युवक थे और अपने परिवार का सहारा बने हुए थे। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके निधन पर लोगों ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
बता दें कि कमल ध्यानी मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल जिले का रहने वाला था।
