देहरादून

देहरादून में गौरैया हुई दुर्लभ, लाल बासमती हुई लुप्त; बच्चों ने जलवायु परिवर्तन पर रखी अपनी बात

धाद के हरेला अभियान-2026 में स्कूली विद्यार्थियों ने स्थानीय बदलावों को वैश्विक क्लाइमेट चेंज से जोड़ा, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

देहरादून। धाद के हरेला अभियान-2026 के तहत दून लाइब्रेरी एवं रिसर्च सेंटर में “क्लाइमेट चेंज – बच्चों की नजर से” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्कूली बच्चों ने अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण में आए बदलावों का अध्ययन प्रस्तुत किया। पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं, फसलों और प्राकृतिक आपदाओं में हो रहे परिवर्तनों को बच्चों ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन से जोड़ते हुए अपनी चिंताएं साझा कीं।
कार्यक्रम का परिचय देते हुए हिमांशु आहूजा ने बताया कि धाद का हरेला अभियान अपने 16वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पौधरोपण, जनसंपर्क और हरेला विमर्श के माध्यम से यह अभियान लगातार पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक कर रहा है। इस वर्ष बच्चों की नजर से मौसम और पर्यावरण में आ रहे बदलावों को समझने की नई पहल की गई।
कार्यक्रम का संचालन आशा डोभाल ने किया। छात्रा अंतरिक्षा प्रताप सिंह ने बताया कि जुगनू, केंचुआ और कंबल कीड़े जैसे सूक्ष्म जीव पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन बदलती जलवायु के कारण उनकी संख्या लगातार घट रही है।
आमना खान ने कहा कि बढ़ती गर्मी और बेमौसमी मौसम के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
दिव्यांशी काम्बोज ने बताया कि उनके पिता के अनुसार बढ़ते शहरीकरण और बदलते मौसम के प्रभाव से कभी देहरादून की पहचान रही लाल बासमती अब लगभग गायब हो चुकी है।
वहीं सदब ने कहा कि कौलागढ़ क्षेत्र में पहले बड़ी संख्या में दिखाई देने वाली गौरैया अब लगभग नजर नहीं आती, जो पर्यावरण में हो रहे बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
कार्यक्रम में हरबंस कपूर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कौलागढ़ तथा शहीद मेख बहादुर गुरुंग कैंट कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने भाग लिया। समापन अवसर पर भारत ज्ञान विज्ञान समिति के विजय भट्ट ने बच्चों के विचारों को आगे बढ़ाते हुए जलवायु परिवर्तन के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन धाद के उपाध्यक्ष गणेश चंद्र उनियाल के संबोधन के साथ हुआ।
इस अवसर पर डॉ. एस.एस. खैरा, देवेंद्र कांडपाल, तन्मय ममगाईं, आलोक सरीन, बी.एस. रावत, के. नैथानी, महावीर रावत, प्रदीप डोभाल, अनिमेष गुप्ता, नरेंद्र सिंह रावत, कल्पना बहुगुणा, डॉ. विद्या सिंह, नीना रावत, ममता डोभाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।