सिरप निर्माण इकाइयों व दवा दुकानों का औचक निरीक्षण, पांच सैंपल जांच को भेजे गए
रुड़की, 10 अक्टूबर।
मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से हुई 15 बच्चों की मौत की घटना के बाद केन्द्रीय औषधि नियंत्रण विभाग और उत्तराखंड औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीमों ने सिरप बनाने वाली कंपनियों व दवा दुकानों पर औचक निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है।

शुक्रवार को विभागीय टीम ने भगवानपुर क्षेत्र स्थित तीन सिरप निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। इनमें से एक इकाई में उत्पादन कार्य जारी पाया गया, जो पशुओं के लिए सिरप बना रही थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने सभी इकाइयों को औषधि निर्माण के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा टीम ने भगवानपुर एवं रुड़की क्षेत्र की विभिन्न दवा दुकानों का भी औचक निरीक्षण किया। दवा दुकानों में बिक रहे सिरप की जांच-पड़ताल के दौरान शक के आधार पर पांच नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

सीनियर ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानदारों ने जांच की जानकारी मिलते ही अपनी दुकानें बंद कर दीं। विभाग द्वारा ऐसे दुकानदारों की पहचान की जा रही है, जिन पर संदेह है, ताकि आगे कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने सभी दवा विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए कि बिना चिकित्सक के परामर्श और पर्चे के किसी भी स्थिति में कफ सिरप की बिक्री न करें।
