धौलास भूमि प्रकरण में जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, पैमाइश शुरू — अनियमित बिक्री पर होगी सख्त कार्रवाई
सीएम के निर्देश पर डीएम सविन बंसल का त्वरित हस्तक्षेप, शैक्षणिक उद्देश्य से आवंटित जमीन के दुरुपयोग की जांच तेज
देहरादून, 11 फरवरी 2026 (सू.वि.):
हरियावाला, धौलास स्थित शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा कृषि भूमि की कथित अनियमित बिक्री के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर संबंधित भूमि का स्थलीय निरीक्षण और पैमाइश कराई गई।
अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने बताया कि ट्रस्ट को पूर्व में यह भूमि शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए आवंटित की गई थी। अब यह जांच की जा रही है कि आवंटन के समय तय की गई शर्तों और उद्देश्यों का पालन हुआ या नहीं तथा वर्तमान में भूमि की स्थिति क्या है। तहसील प्रशासन, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा विस्तृत पैमाइश और जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट ने लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि का विक्रय पहले 15 लोगों को बड़े भूखंडों के रूप में किया। बाद में इन खरीदारों द्वारा वही भूमि 70–80 अन्य लोगों को छोटे-छोटे प्लॉट में बेचने की जानकारी मिली है। जबकि ट्रस्ट को भूमि बिक्री की अनुमति इस शर्त पर दी गई थी कि जमीन का स्वरूप कृषि ही रहेगा और उसे अकृषि घोषित कर बिक्री नहीं की जाएगी।
एडीएम ने स्पष्ट किया कि पैमाइश की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद जमींदारी एक्ट के तहत विधिसम्मत और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) पहले ही धौलास क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाई गई बाउंड्री, आंतरिक सड़कें और अन्य संरचनाएं ध्वस्त की गई थीं। एमडीडीए ने क्षेत्र में नोटिस बोर्ड लगाकर लोगों से अपील भी की है कि अवैध प्लाटिंग में निवेश न करें और भूमि खरीदने से पहले आवश्यक जानकारी अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा इसके लिए खरीदार स्वयं जिम्मेदार होंगे।
निरीक्षण के दौरान एडीएम के.के. मिश्रा, एसडीएम विनोद कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी, तहसीलदार विवेक राजौरी सहित राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
