Uttarakhand

सितारगंज में बर्ड फ्लू की पुष्टि,1708 मुर्गियों को मार कर दफन किया गया

सितारगंज/रुद्रपुर। जिले में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। ग्राम बैकुण्ठपुर स्थित एक मुर्गीफार्म में अचानक कुक्कुट पक्षियों की अस्वाभाविक मौत के बाद जांच में यह खतरनाक वायरस पाया गया। NIHSAD भोपाल की लैब रिपोर्ट में 23 अगस्त को संक्रमण की पुष्टि होते ही जिलाधिकारी ने तत्काल अधिनियम-2009 की धारा-20 के तहत कार्रवाई का आदेश दिया।रिपोर्ट मिलते ही प्रशासन ने मुर्गीफार्म को केंद्र बिंदु मानकर 1 किलोमीटर परिधि को संक्रमित क्षेत्र और 10 किलोमीटर परिधि को सतर्कता क्षेत्र घोषित कर दिया। इस दौरान सुरक्षा मानकों के बीच रविवार को राजस्व, पशुपालन, पुलिस और नगर निकाय विभाग की संयुक्त टीम ने मुर्गीफार्म की 1708 मुर्गियों को मार कर दफन कर दिया गया। तीन माह तक सख्त निगरानी, स्क्रीनिंग ड्राइव जारी रहेगी।NIHSAD को भेजे जाएंगे नमूने, निगेटिव रिपोर्ट पर ही राहत मिलेगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, प्रभावित मुर्गीफार्म का चरणबद्ध सैनिटाइजेशन कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगामी तीन महीनों तक 10 किलोमीटर परिधि वाले पूरे इलाके में निगरानी रखी जाएगी। इस अवधि में समय-समय पर नमूने एकत्रित कर भोपाल स्थित NIHSAD भेजे जाएंगे। केवल लगातार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही इस इलाके को बर्ड फ्लू मुक्त घोषित किया जाएगा।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि कलिंग और डीप बुरियल ऑपरेशन में शामिल कर्मियों तथा आसपास के मुर्गीपालकों की लगातार स्क्रीनिंग कराई जाए। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बर्ड फ्लू स्क्रीनिंग ड्राइव को नियमित रूप से चलाया जाएगा, ताकि संक्रमण को किसी भी कीमत पर आगे फैलने से रोका जा सके।

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