उत्तराखंड सरकार द्वारा पूरे देश से प्रवासी उत्तराखंड वासियों को जिस तरह से सुरक्षित अपने अपने गंतव्ययो तक पहुंचाने में रात दिन एक कर सफलता हासिल की है उसके लिये! सरकार के सभी नुमाइंदे बधाई के पात्र है। विनय गोयल

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देहरादून 19 मई,

कोविड19 वाइरस के सक्रमण से बचाव हेतु  केंद्र सरकार के निर्देशन में देश भर में लॉक डाउन किया गया था जिसका परिणाम अन्य देशों के मुकाबले में भी सुखद रहा । हमारे उत्तराखंड से अन्य प्रदेशों में रह रहे प्रवासियों की परेशानियों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने बहुत से उपाय किये जिससे  सभी अपने अपने पुश्तेनी घरों तक पहुंच जाय। जिससे बहुत  संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी अपने  गाँव  पहुँच चुके है। 225000 से अधिक प्रवासियों में से 104000 से अधिक प्रवासियों को बिना किसी शोर-शराबे के शांति से अपने प्रदेश में ले आना , उत्तराखंड से 38 हजार से अधिक दूसरे प्रदेशों में अपने घरों को लौटने की इच्छा रखने वालों में से साढ़े 22,000 से अधिक प्रवासियों को उनके अपने-अपने राज्यों में सफलतापूर्वक भेज देना तथा 82 हजार से अधिक उत्तराखंड वासियों को अपने ही राज्य के अन्तर्गत उनके विभिन्न स्थानों पर पहुंचा देना उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार की बड़ी उपलब्धि है। भाजपा का बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक का कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी सेवा कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।आज भी यह क्रम जारी है तथा मणिपुर एवं बिहार के प्रवासियों को भेजने का क्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है इसके साथ ही उत्तराखंड के 2 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिकों के खाते में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत दो दो हजार रुपए ,
वृद्धावस्था पेंशन के साढे चार लाख लाभार्थियों के खाते में तीन माह की पेंशन के 172 करोड रुपए, एक लाख 66हजार से अधिक विधवा पेंशनधारी मां बहनों के खाते में 3 महीने की पेंशन साढ़े इकसठ करोड़ रूपये, प्रदेश के 72 हजार दिव्यांग जनों की 3 माह की पेंशन साढे 26 करोड रुपए तथा 25,000 से अधिक किसानों की भी 3 माह की अग्रिम पेंशन साढ़े सात करोड़ रुपये भी उनके खातों में पहले ही जमा कर राहत पहुंचाई जा चुकी हैं। उत्तराखंड निवासियों तथा उत्तराखंड लौटे प्रवासियों के लिए खाद्यान्न की पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई है तथा पात्र लोगों को लगातार निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रसन्नता का विषय है उत्तराखंड का एक भी जिला अब रेड जोन में नहीं है तथा कंटेनमेंट जोन की संख्या में भी भारी कमी आई है।
सबको ज्ञात है कि इन दिनों बाहर से आने वाले अनेक प्रवासियों के कारण उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या स्वाभाविक रूप से कुछ बढ़ी है किंतु उनका भी समुचित उपचार कर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है। स्थिति को नियंत्रण में देखते हुए लॉक डाउन में भी शनै शनै ढील दिए जाने की प्रक्रिया जारी है ताकि कोरोना से लड़ने के साथ साथ आमजन जीवन और आर्थिक गतिविधियां भी पटरी पर लौट सकें

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