नैनीडांडा विकास खंड में कोरोना पीड़ित युवक के मिलने से हड़कंप ,धीरेंद्र प्रताप ने की सरकार से “औचक नीरिक्षण दलो” के गठन की मांग कहा थर्मल टेस्टिंग की महज रस्म अदायगी राज्य को पड़ सकती है भारी

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पौड़ी गढ़वाल:-  नैनीडांडा विकास खंड में कोरोना पीड़ित युवक के मिलने से हड़कंप ,धीरेंद्र प्रताप ने की सरकार से “औचक नीरिक्षण दलो” के गठन की मांग कहा थर्मल टेस्टिंग की महज रस्म अदायगी राज्य को पड़ सकती है भारी
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने पौड़ी जनपद के अपने गृह विकासखंड नैनीडांडा के सुदूर गांव खड़कोली के एक नौजवान अमित कोहली के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की है कि वह राज्य के गांवो में आ रहे प्रवासियों के थर्मल चेकिंग और क्वारंटीन सेंट्रो की कार्यप्रणाली और कार्यकलापों का तत्काल निरीक्षण हेतु व उन पर नियंत्रण रखने हेतु ऐसे “औचक निरीक्षण दलों” का गठन करें जो इनमे हो रही लापरवाही पर कड़ी नजर रख सकें व व्यवस्था को ठीक दुरुस्त
कर सके।
उन्होंने कहा कि नैनीडांडा में पाए गए कोरोना पीड़ित युवक के मामले में ,इस युवक की 14 तारीख को कोटद्वार के अंदर थर्मल टैस्टिंग हो चुकी थी तब 17 तारीख को इसकी फिर से चेकिंग होना और अब रिपोर्ट आने के बाद उसे कोरोना पॉजिटिव घोषित किया जाना यह बताता है कि कोटद्वार में थर्मल चेकिंग जो हो रही है वह स्तरीय नहीं है और ऐसा लगता है जैसे मात्र रस्म अदायगी करके वहां से लोगों को आगे पहाड़ों में भेज दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह ऐसे कई “मोबाइल चेकिंग ग्रूप “बनाए ,जो यह देखें कि जहां मौके पर जो डॉक्टर व अन्य लोग जो काम कर रहे हैं वे कहीं कोई लापरवाही तो नहीं कर रहे हैं। जिससे कि कुछ लोग मौका देख चेकिंग के रास्ते से निकल जा रहे है और बाद में पूरे गांव के लोगों के लिए खतरे और परेशानी का कारण बन जा रहे है। उन्होंने नैनीडांडा विकास खंड में आ रहे नैनीताल जनपद की ओर से उन प्रवासियों की नैनीडाडा विकासखंड के शंकरपुर गांव में की गई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि वहां पर भी प्रवासियों की व्यवस्था जो होनी चाहिए वह ठीक नहीं है। ना वहां पर कोई डॉक्टर है और ना ही कोई उनका ठीक से रहने सहने की ही कोई व्यवस्था है।
धीरेन्द्र्र ताप ने आज इस संबंध में जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल धीरज गर्बयाल से बात की और कहा कि “एक बड़े अधिकारी” को तत्काल मौके पर भेजें जिससे कि वहां पर क्वॉरेंटीन सेंटर में और रात्रि विश्राम केंद्र में सुधार किया जा सके। उन्होंने इस बीच राज्य में कोरोना पीड़ितों की संख्या 104 को पार कर लेने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तेजी से कोरोना बढ रहा है उससे स्पष्ट है कि जो लोग भी प्रवासी राज्य में आए हैं उनका राज्य में ठीक से टेस्टिंग नहीं हो पा रही है और जैसा कि कांग्रेस ने सुझाव दिया है राज्य की सीमाओं पर जल्द से जल्द टैस्टिंग और क्वारंटाईन केन्द्र बनने चाहिए और लोगों की ठीक से चेकिंग करने और पूरी अवधि के लिए क्वारंटीन करने के के बाद ही उन्हें उनके गांव में भेजा जाना चाहिए।
धीरेंद्र प्रताप ने बताया खडकोली गांव का यह युवक पांच दिन पहले ही गुरूगग्राम,हरियाणा से अपने गांव आया था और जब वह दिल्ली के रास्ते ही वहां के ले चला था तभी उसके घर में जो युवक रहता था वह कोरोना से पीड़ित था ।लेकिन समझ नहीं आया कि किस तरह से उसको गुरूग्राम और कोटद्वार में टैस्टिंगे करने के बाद भी रोका नहीं गया और उत्तराखंड की भी तमाम जांच सीमाओं को पार करके वह नैनीडांडा पहुंच गया । ओ ने बताया कि आज जब उन्होंने डीएम धीरज गर्बयाल से बात की तो नैनीडांडा विकास खंड में रामनगर के रास्ते आ रही बसों से अव्यवस्थाएं फैल रखी हैं और जिससे आगे नैनीडांडा बीरोंखाल और यहां तक की रिखणीखाल और अल्मोडा से सटे मौल्याखाल विकास खंडों में भी कोरोना के फैलने की आशंका दिखाई दे रही है ।उसे रोकने के लिए उहोने तत्काल कार्रवाई किए जाने की उन्होंने मांग दोहराई ।

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